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हरिद्वार: अभी जेल में ही रहेगी उर्मिला सनावर, जमानत के आदेश को डीजे कोर्ट में दी चुनौती, सात को होगी सुनवाई
Wed, 04 Nov 2026 11:05 PM IST
Alka Tyagi
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: Alka Tyagi
Updated Wed, 04 Nov 2026 11:05 PM IST
सार
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्तूबर को उर्मिला सनावर के खिलाफ पांच करोड़ की रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 25 अक्तूबर को उर्मिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब से वह जिला कारागार रोशनाबाद में बंद हैं।
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उर्मिला सनावर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। एसीजेएम कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देते हुए प्राथमिकी की विवेचक ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आपत्ति दाखिल की है। बुधवार को दाखिल आपत्ति पर न्यायालय ने नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए सात नवंबर की तारीख निर्धारित की है। हालांकि, जिला जज कोर्ट ने फिलहाल जमानत पर रोक नहीं लगाई है। दूसरी ओर, जमानती की व्यवस्था नहीं होने के कारण उर्मिला की जेल से रिहाई लगातार टल रही है।
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पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्तूबर को उर्मिला सनावर के खिलाफ पांच करोड़ की रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 25 अक्तूबर को उर्मिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब से वह जिला कारागार रोशनाबाद में बंद हैं। सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने जमानत के आदेश दिए थे। फिलहाल जमानती और बेल बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से रिहाई नहीं हो सकी थी।
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अब बुधवार को प्राथमिकी की विवेचक संदीप भंडारी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में एसीजेएम कोर्ट के दो नवंबर के जमानत आदेश को चुनौती दी। विवेचक की ओर से दाखिल आपत्ति पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए सात नवंबर की तारीख तय की है। अब इस दिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय अपना निर्णय लेगा। उर्मिला को जमानत मिलने के बावजूद जेल में ही रहना पड़ रहा है।
क्योंकि एसीजेएम कोर्ट ने दो नवंबर को 50 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो जमानती प्रस्तुत करने की शर्त पर उनकी जमानत मंजूर की थी। मगर निर्धारित शर्तों के अनुसार जमानती पेश नहीं हो पाने से रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। बुधवार को भी जमानती उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें जेल से बाहर आने का मौका नहीं मिला।