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चोरी की सजा, करना होगा ट्रैफिक कंट्रोल
कुणाल दरगन हरिद्वार
Updated Tue, 24 Jan 2017 09:53 PM IST
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शौक पूरा करने की खातिर चोर बना 17 वर्षीय चिंटू अब अनोखे अंदाज में अपनी सजा पूरी करेगा। जी हां, वो अब पुलिस के साथ कदमताल करते हुए शहर की यातायात व्यवस्था में सहयोग देगा। किशोर न्याय बोर्ड का सजा देने का यह अनूठा आदेश है। किशोर का आचरण ही उसका सुनहरा भविष्य तय करेगा।
ज्वालापुर के शास्त्री नगर की रहने वाली डा. कविता पत्नी राजेश का दोपहिया वाहन वर्ष 2015 में जुलाई में चोरी हुआ था। पुलिस ने दोपहिया वाहन की रिकवरी करते हुण् समीपवर्ती मोहल्ले के एक किशोर को पकड़ कर उसे बाल सुधार गृह भेजा। फिर उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई। अब किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट रीतिका सेमवाल ने आदेश दिए कि छह माह के लिए किशोर को हरिद्वार कोतवाली पुलिस की देखरेख में यातायात व्यवस्था संभालने में सहयोग करना होगा। साथ ही यह भी आदेश दिए कि प्रत्येक तीन माह में उसके आचरण के संबंध में रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए। किशोर आदेश का पालन नहीं करता है तो वह बची अवधि बाल संप्रेषण गृह में ही व्यतीत करेगा। आदेश की कापी हरिद्वार कोतवाली पुलिस को मिल चुकी है और सोमवार से किशोर भी पुलिस की अभिरक्षा में पहुंच गया। कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि किशोर से यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कार्य कराया जाएगा। बताया कि समाज की मुख्य धारा में वापसी के लिए इससे अच्छा रास्ता नहीं हो सकता है।
अच्छा इंसान बनना ही मकसद
कम पढ़ा लिखा किशोर अब सत्रह बरस का हो चुका है। कई बरस पहले उसके सिर से माता- पिता का साया भी उठ चुका था। वह भाई भाभी के पास रहता था। किशोर पूछने पर बोलता है कि, वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न किसी को करने देगा। ये ही अब उसके जीवन का मकसद है। बोला कि अब एक अच्छा नागरिक बनना ही उसका मकसद है।
ज्वालापुर के शास्त्री नगर की रहने वाली डा. कविता पत्नी राजेश का दोपहिया वाहन वर्ष 2015 में जुलाई में चोरी हुआ था। पुलिस ने दोपहिया वाहन की रिकवरी करते हुण् समीपवर्ती मोहल्ले के एक किशोर को पकड़ कर उसे बाल सुधार गृह भेजा। फिर उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई। अब किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट रीतिका सेमवाल ने आदेश दिए कि छह माह के लिए किशोर को हरिद्वार कोतवाली पुलिस की देखरेख में यातायात व्यवस्था संभालने में सहयोग करना होगा। साथ ही यह भी आदेश दिए कि प्रत्येक तीन माह में उसके आचरण के संबंध में रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए। किशोर आदेश का पालन नहीं करता है तो वह बची अवधि बाल संप्रेषण गृह में ही व्यतीत करेगा। आदेश की कापी हरिद्वार कोतवाली पुलिस को मिल चुकी है और सोमवार से किशोर भी पुलिस की अभिरक्षा में पहुंच गया। कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि किशोर से यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कार्य कराया जाएगा। बताया कि समाज की मुख्य धारा में वापसी के लिए इससे अच्छा रास्ता नहीं हो सकता है।
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अच्छा इंसान बनना ही मकसद
कम पढ़ा लिखा किशोर अब सत्रह बरस का हो चुका है। कई बरस पहले उसके सिर से माता- पिता का साया भी उठ चुका था। वह भाई भाभी के पास रहता था। किशोर पूछने पर बोलता है कि, वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न किसी को करने देगा। ये ही अब उसके जीवन का मकसद है। बोला कि अब एक अच्छा नागरिक बनना ही उसका मकसद है।
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