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चुनावी मोड में आए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:08 PM IST
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चुनाव आचार संहिता लगते ही जिला मुख्यालय रोशनाबाद का नजारा बदल गया। प्रशासन सहित तमाम विभागों के अधिकारी रूटीन कामकाज छोड़कर चुनावी मोड में आ गए। जिला निर्वाचन अधिकारी हरबंस सिंह चुघ और एसएसपी राजीव स्वरूप ने बैठक कर मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। 48 घंटे के भीतर सड़क, चौराहों सहित सार्वजनिक संपत्तियों से राजनीतिक दलों के बैनर पोस्टर हटाने और जनप्रतिनिधियों से सरकारी वाहन वापस लेने की कवायद शुरू कर दी गई।
निर्वाचन आयोग कई महीनों से चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ था। दिल्ली में जैसे ही निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा की, ठीक वैसे ही हरिद्वार जिला मुख्यालय में आचार संहिता के रंग में ढल गया। जिला निर्वाचन अधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने अपने कैंप कार्यालय पर एसएसपी राजीव स्वरूप के साथ बैठक कर जिले में आचार संहिता प्रभावी रूप से लागू कराने को लेकर विचार विमर्श किया।
निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक सरकारी भवनों, सड़क, चौराहों, पुलों और विद्युत पोल से 48 घंटे के भीतर राजनीतिक दलों के बैनर पोस्टर हटवाने के लिए हरिद्वार में तीन और रुड़की में दो टीमें गठित की गई हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों और दायित्वधारियों से सरकारी वाहन वापस लेने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
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शस्त्र लाइसेंस के लिए ऐनवक्त तक सिफारिशें
शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए आचार संहिता लागू होने के ऐनवक्त तक भी मुख्यालय पर भीड़ रही। सिफारिशी फोन भी घनघनाते रहे। दोपहर 12 बजे आचार संहिता लगने की चर्चाएं सुबह से ही होने लगी थी। ऐसे में जिले भर से मुख्यालय पहुंचे शस्त्र लाइसेंस फरियादी इस इंतजार में थे कि मौका लगते ही जिलाधिकारी से दस्तखत कराए जाएं। जिलाधिकारी ईवीएम की ट्रेनिंग सहित अन्य विभागीय कार्यों में मशगूल रहे। आचार संहिता लगने की जानकारी मिलते ही फरियादियों के चेहरे लटक गए।
आम दिनों से ज्यादा रही भीड़
कलेक्ट्रेट और विकास भवन में बुधवार को फरियादियों और सिफारिश करने वाले नेताओं की आम दिनों से ज्यादा भीड़ रही। कलेक्ट्रेट के बाहर तक राजनीतिक दलों की नेमप्लेट लगी गाडिय़ां खड़ी रही। इनमें कुछ लोग अपना काम कराने में सफल रहे तो अधिकांश को मायूस लौटना पड़ा।
निर्वाचन आयोग कई महीनों से चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ था। दिल्ली में जैसे ही निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा की, ठीक वैसे ही हरिद्वार जिला मुख्यालय में आचार संहिता के रंग में ढल गया। जिला निर्वाचन अधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने अपने कैंप कार्यालय पर एसएसपी राजीव स्वरूप के साथ बैठक कर जिले में आचार संहिता प्रभावी रूप से लागू कराने को लेकर विचार विमर्श किया।
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निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक सरकारी भवनों, सड़क, चौराहों, पुलों और विद्युत पोल से 48 घंटे के भीतर राजनीतिक दलों के बैनर पोस्टर हटवाने के लिए हरिद्वार में तीन और रुड़की में दो टीमें गठित की गई हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों और दायित्वधारियों से सरकारी वाहन वापस लेने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
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शस्त्र लाइसेंस के लिए ऐनवक्त तक सिफारिशें
शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए आचार संहिता लागू होने के ऐनवक्त तक भी मुख्यालय पर भीड़ रही। सिफारिशी फोन भी घनघनाते रहे। दोपहर 12 बजे आचार संहिता लगने की चर्चाएं सुबह से ही होने लगी थी। ऐसे में जिले भर से मुख्यालय पहुंचे शस्त्र लाइसेंस फरियादी इस इंतजार में थे कि मौका लगते ही जिलाधिकारी से दस्तखत कराए जाएं। जिलाधिकारी ईवीएम की ट्रेनिंग सहित अन्य विभागीय कार्यों में मशगूल रहे। आचार संहिता लगने की जानकारी मिलते ही फरियादियों के चेहरे लटक गए।
आम दिनों से ज्यादा रही भीड़
कलेक्ट्रेट और विकास भवन में बुधवार को फरियादियों और सिफारिश करने वाले नेताओं की आम दिनों से ज्यादा भीड़ रही। कलेक्ट्रेट के बाहर तक राजनीतिक दलों की नेमप्लेट लगी गाडिय़ां खड़ी रही। इनमें कुछ लोग अपना काम कराने में सफल रहे तो अधिकांश को मायूस लौटना पड़ा।