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भूमा निकेतन में आज जमेगा तीन जगद्गुरुओं का अखाड़ा
अमअमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 22 May 2017 11:12 PM IST
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स्वामी अच्युतानंद तीर्थ की भूमा पीठ में मंगलवार को तीन जगद्गुरु इकट्ठा हो रहे हैं। ये तीनों मिलकर अनेक चर्चित और विवादित बिंदुओं पर विचार विमर्श करेंगे। अखाड़ा परिषद ने कहा है कि यदि वासुदेवानंद भूमा निकेतन गए तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में काशी से आए सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु नरेंद्रानंद सरस्वती भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि अच्युतानंद जहां शंकराचार्य की शारदा पीठ पर अपना दावा प्रस्तुत करते हैं, वहीं वासुदेवानंद ज्योर्तिपीठ पर दावा करते आए हैं। यद्यपि उन्हें तब बहुत बड़ा झटका लगा जब इलाहाबाद की जिला अदालत ने उन्हें शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को ज्योर्ति और शारदा दोनों पीठों का शंकराचार्य माना था। बाद में यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां निर्णय अभी प्रतीक्षित है। गौरतलब है कि अच्युतानंद को हरिद्वार में शारदा पीठ का शंकराचार्य बनाने का स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती कड़ा प्रतिवाद करते आ रहे हैं।
यहां तक कि अच्युतानंद के विरुद्ध द्वारिका में केस भी पंजीकृत कराया गया है । अब एक बार फिर से भूमा निकेतन में संतों की नई राजनीति परवान चढ़ने जा रही है। स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने बताया कि प्रयाग से स्वामी वासुदेवानंद सवेरे भूमा पीठ पहुंचेंगे और बाद में ज्योर्तिमठ होते हुए बदरीकाश्रम चले जाएंगे। सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु नरेंद्रानंद सरस्वती भी मंगलवार की सुबह हरिद्वार पहुंच रहे हैं। तीनों की एक जगह उपस्थिति आने वाले समय में नए गुल खिला सकती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वासुदेवानंद जिस ज्योर्ति पीठ पर मंगलवार को जाएंगे, उसी ज्योर्ति पीठ पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बुधवार को कनखल से रवाना होंगे।
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इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि वासुदेवानंद फर्जी हैं और किसी भी पीठ के शंकराचार्य नहीं हैं। उन्हें न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किया जा चुका है। इसी प्रकार अच्युतानंद तीर्थ को अखाड़ा परिषद बहिष्कृत कर चुकी है। जहां तक उनके साथ देने स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती पहुंचे थे, उन्हें भी अखाड़ा परिषद ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अब यदि वासुदेवानंद मंगलवार को अच्युतानंद की बैठक में जाएंगे तो अखाड़ा परिषद उनके विरुद्ध कार्रवाई करेगी। अलबत्ता परिषद उन्हें शंकराचार्य मानती ही नहीं। चूंकि वे अखाड़ों के साथ जुड़े रहे, अत: अखाड़ा परिषद सीधी कार्रवाई करेगी। इसका निर्णय परिषद की होने वाली अगली बैठक में किया जाएगा।
बुधवार को नरेंद्र गिरी भी पहुंचेंगे हरिद्वार
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी नए घटनाक्रम को देखते हुए 24 मई को हरिद्वार पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे यहां अखाड़ों के साथ साथ षड़दर्शन साधु समाज और आश्रम परिषद की बैठक भी बुलाएंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि अच्युतानंद जहां शंकराचार्य की शारदा पीठ पर अपना दावा प्रस्तुत करते हैं, वहीं वासुदेवानंद ज्योर्तिपीठ पर दावा करते आए हैं। यद्यपि उन्हें तब बहुत बड़ा झटका लगा जब इलाहाबाद की जिला अदालत ने उन्हें शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को ज्योर्ति और शारदा दोनों पीठों का शंकराचार्य माना था। बाद में यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां निर्णय अभी प्रतीक्षित है। गौरतलब है कि अच्युतानंद को हरिद्वार में शारदा पीठ का शंकराचार्य बनाने का स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती कड़ा प्रतिवाद करते आ रहे हैं।
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यहां तक कि अच्युतानंद के विरुद्ध द्वारिका में केस भी पंजीकृत कराया गया है । अब एक बार फिर से भूमा निकेतन में संतों की नई राजनीति परवान चढ़ने जा रही है। स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने बताया कि प्रयाग से स्वामी वासुदेवानंद सवेरे भूमा पीठ पहुंचेंगे और बाद में ज्योर्तिमठ होते हुए बदरीकाश्रम चले जाएंगे। सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु नरेंद्रानंद सरस्वती भी मंगलवार की सुबह हरिद्वार पहुंच रहे हैं। तीनों की एक जगह उपस्थिति आने वाले समय में नए गुल खिला सकती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वासुदेवानंद जिस ज्योर्ति पीठ पर मंगलवार को जाएंगे, उसी ज्योर्ति पीठ पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बुधवार को कनखल से रवाना होंगे।
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इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि वासुदेवानंद फर्जी हैं और किसी भी पीठ के शंकराचार्य नहीं हैं। उन्हें न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किया जा चुका है। इसी प्रकार अच्युतानंद तीर्थ को अखाड़ा परिषद बहिष्कृत कर चुकी है। जहां तक उनके साथ देने स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती पहुंचे थे, उन्हें भी अखाड़ा परिषद ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अब यदि वासुदेवानंद मंगलवार को अच्युतानंद की बैठक में जाएंगे तो अखाड़ा परिषद उनके विरुद्ध कार्रवाई करेगी। अलबत्ता परिषद उन्हें शंकराचार्य मानती ही नहीं। चूंकि वे अखाड़ों के साथ जुड़े रहे, अत: अखाड़ा परिषद सीधी कार्रवाई करेगी। इसका निर्णय परिषद की होने वाली अगली बैठक में किया जाएगा।
बुधवार को नरेंद्र गिरी भी पहुंचेंगे हरिद्वार
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी नए घटनाक्रम को देखते हुए 24 मई को हरिद्वार पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे यहां अखाड़ों के साथ साथ षड़दर्शन साधु समाज और आश्रम परिषद की बैठक भी बुलाएंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।