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Haridwar News: जिलाधिकारी ने ज्वालापुर व कनखल के प्राथमिक विद्यालयों का किया निरीक्षण
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पठन-पाठन, मिड-डे मील और स्वच्छता का जायजा लेकर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
12 शिक्षक मिले कार्य करते हुए, एक अनुपस्थिति
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का जायजा लिया। यह निरीक्षण जनपद में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ व गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से किया गया।
जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनसे पाठ्यक्रम व मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्रत्येक शिक्षण संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निष्ठा और संवेदनशीलता से कार्य करने का आह्वान किया।
प्रधान अध्यापक सरिता रानी चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 334 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से 204 उपस्थित थे। उन्होंने यह भी बताया कि 12 शिक्षक कार्यरत हैं और एक शिक्षक 04 फरवरी 2025 से अनुपस्थित है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों को समय-समय पर अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने चिह्नित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए सीएसआर के माध्यम से कार्ययोजना बनाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी कमी या लापरवाही को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने को कहा। सभी विद्यालयों में स्वच्छ व पौष्टिक भोजन निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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पठन-पाठन, मिड-डे मील और स्वच्छता का जायजा लेकर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
12 शिक्षक मिले कार्य करते हुए, एक अनुपस्थिति
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का जायजा लिया। यह निरीक्षण जनपद में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ व गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से किया गया।
जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनसे पाठ्यक्रम व मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्रत्येक शिक्षण संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निष्ठा और संवेदनशीलता से कार्य करने का आह्वान किया।
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प्रधान अध्यापक सरिता रानी चौधरी ने बताया कि विद्यालय में 334 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें से 204 उपस्थित थे। उन्होंने यह भी बताया कि 12 शिक्षक कार्यरत हैं और एक शिक्षक 04 फरवरी 2025 से अनुपस्थित है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों को समय-समय पर अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने चिह्नित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए सीएसआर के माध्यम से कार्ययोजना बनाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी कमी या लापरवाही को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल करने को कहा। सभी विद्यालयों में स्वच्छ व पौष्टिक भोजन निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।