{"_id":"6a5cb1df20d883def40e8974","slug":"stress-management-camp-concludes-haridwar-news-c-149-1-hrd1003-3197-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: तनाव प्रबंधन शिविर का हुआ समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: तनाव प्रबंधन शिविर का हुआ समापन
Sun, 19 Jul 2026 04:45 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sun, 19 Jul 2026 04:45 PM IST
विज्ञापन
- शांतिकुंज में आयोजित दो दिवसीय शिविर का पुलिसकर्मियों ने उठाया लाभ
- देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या ने किया संबोधित
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में उत्तराखंड यातायात पुलिस के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय तनाव प्रबंधन शिविर का रविवार को समापन हुआ। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने समापन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंतरिक संतुलन, मानसिक शांति और सकारात्मक चिंतन प्रभावी कार्यक्षमता व स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। डॉ. पंड्या ने सेवा के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने युगऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन-दर्शन का भी उल्लेख किया। शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है। उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा को मनुष्य का दायित्व बताया। शिविर में विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन, योग, प्राणायाम, ध्यान और जीवन प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए। प्रतिभागियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण कर शांति का अनुभव किया। मासिरि
विज्ञापन
- देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या ने किया संबोधित
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में उत्तराखंड यातायात पुलिस के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय तनाव प्रबंधन शिविर का रविवार को समापन हुआ। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने समापन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंतरिक संतुलन, मानसिक शांति और सकारात्मक चिंतन प्रभावी कार्यक्षमता व स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। डॉ. पंड्या ने सेवा के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने युगऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन-दर्शन का भी उल्लेख किया। शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है। उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा को मनुष्य का दायित्व बताया। शिविर में विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन, योग, प्राणायाम, ध्यान और जीवन प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए। प्रतिभागियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण कर शांति का अनुभव किया। मासिरि