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Haridwar: बाइक से बाल कटवाने जा रहा था युवक, आवारा कुत्ते ने किया हमला, पैर का मांस नोंचा
Tue, 29 Nov 2022 07:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 29 Nov 2022 07:04 PM IST
सार
जनवरी से लेकर नवंबर तक 7000 लोग कुत्तों के काटने से जख्मी हो चुके हैं। पौने दो सालों में सरकारी अस्पताल का यह आंकड़ा 20 हजार पहुंच गया है।
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आवारा कुत्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सोमवार को डामकोठी के निकट बाइक सवार युवक पर कुत्ते ने हमला कर दिया और युवक के दायें पैर को नोंच डाला। वाल्मीकि चौक निवासी मंजीत (22) बाल काटने के लिए बाइक से जा रहा था। डामकोठी के निकट से गुजर रहा था तो अचानक आवारा कुत्ते ने उसके दायें पैर पकड़ लिया। स्थानीय लोगों की मदद से उपचार के लिए मंजीत को जिला अस्पताल ले लाया गया।
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जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. चंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि मंजीत पांव पर कई टांके लगाए गए हैं। जनवरी से लेकर नवंबर तक 7000 लोग कुत्तों के काटने से जख्मी हो चुके हैं। पौने दो सालों में सरकारी अस्पताल का यह आंकड़ा 20 हजार पहुंच गया है। इनमें अभी निजी अस्पतालों में इलाज करवाने वाले लोग शामिल नहीं हैं।
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कनखल, जगजीतपुर, ब्रह्मपुरी, रानीपुर, अपर रोड, डामकोठी, वाल्मीकि चौक समेत कई इलाकों में आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं। गंगा घाटों पर भी काफी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 30 से 40 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. चंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2022 तक जिला अस्पताल में 20 हजार लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगा चुके हैं।
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एंटी रेबीज इंजेक्शन अवश्य लगवाएं
कुत्ते के काटने पर कई लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगाते हैं। इंजेक्शन नहीं लगवाना खतरनाक हो सकता है। जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. चंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद सालों बाद भी रेबीज एक्टिव हो जाता है। इसलिए कुत्ते के काटने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।