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पढ़ने की जिद्द भरी स्याही से लिखी कामयाबी की नई कहानी
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Wed, 27 May 2015 02:05 AM IST
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इरादा पक्का है तो मंजिल की दुश्वारियां मायने नहीं रखती। इस बात को हकीकत की सूरत दी है शारीरिक रूप से अक्षम और दिमागी तौर पर मजबूत छात्रा पूजा वर्मा ने। जिन्होंने पढ़ाई की जिद्द भरी स्याही से कामयाबी की नई कहानी लिखी है।
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लाखों छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार का दिन रिजल्ट के लिहाज से यादगार बन गया। इसमें खड़खड़ी की नई बस्ती निवासी पूजा वर्मा भी शामिल है। समय से पूर्व सातवें महीने में जन्म होने से पूनम को अटेक्सिस बीमारी ने शारीरिक रूप से 55 प्रतिशत तक अपंग कर दिया। बीमारी के कारण गर्दन झटके से नीचे की ओर झुकने लगी।
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लेकिन उन्होंने हार का मुंह मोड़ते हुए घर के करीब मौजूद श्री मिथलेश सनातन धर्म स्कूल में शिक्षा का सफर जारी रखा। लिखने में असमर्थ होने के बावजूद होने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में लेखन शुद्धि के लिए मिले सहयोगी की मदद से बोल-बोलकर कापियां में अपनी मेहनत दर्ज कराई। जिसका नतीजा 65.2 प्रतिशत अंकों की शक्ल में सामने आया।
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अपर रोड पर पान की दुकान करने वाले पिता नीरज वर्मा बेटी को भाग्यशाली बताते हुए कहते हैं कि घर में बेटी के आने से परिवार में खुशियों का उजाला जगमगाने लगा। बेटी की सफलता पर मां सुमन वर्मा की खुशियां को ठहरने का ठिकाना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूजा को पढ़ाई में बहुत रुचि है और घरेलू कार्य में भी सहयोग करती है।
पूजा ने आगे पढ़ने की ख्वाहिश जाहिर कर माता-पिता से बीए में दाखिले को कहा है। वह आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में भविष्य बनाना चाहती हैं। उनका छोटा भाई सौरभ देहरादून में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।