फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Revenue from the blow, even showering mone

कहीं राजस्व को झटका, कहीं बरस रहा धन

Wed, 16 Nov 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Wed, 16 Nov 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से आम आदमी तो प्रभावित हो ही रहा है, वहीं सरकारी विभागों में कहीं इसका फायदा तो कहीं नुकसान नजर आ रहा है। नोटबंदी से प्रशासन के राजस्व का एक चौथाई हिस्सा सिमट कर रह गया है। हर सप्ताह 60 प्रतिशत तक होने वाली राजस्व वसूली अब 15 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पा रही है। वहीं हाउस टैक्स, बिजली, पानी के बिलों की बंपर वसूली होने से नगर निगम, ऊर्जा निगम और जल संस्थान में खूब धन बरस रहा है। हाल यह है कि उपभोक्ता बिल मिलने से पहले ही विभाग में आकर भुगतान कर रहे हैं।

नगर निगम ने 20 लाख से ज्यादा वसूले
शहर में हाउस टैक्स के बकायेदारों की संख्या हजारों में है। नगर निगम तमाम अभियान चलाए या नोटिस जारी करे, लेकिन बकायेदारों के कानों पर जूं नहीं रेंगती थी। अब जमा पूंजी बचाने के लिए लोग बड़े नोट जमाकर अपने सिर से कर्ज उतारने में ही भलाई समझ रहे हैं। नगर निगम घरेलू भवनों से अभी तक 20 लाख से ज्यादा का टैक्स वसूल चुका है। बृहस्पतिवार से व्यावसायिक भवनों से टैक्स वसूली का कार्य शुरू किया जाएगा। इसकी शुरूआत होटलों से होने के कारण 24 नवंबर तक नगर निगम की झोली और भरने की उम्मीद है। अपर नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि औसतन पांच लाख रुपये की वसूली हो रही है। अभी तक 20 लाख से ज्यादा का हाउस टैक्स जमा कराया जा चुका है।
विज्ञापन


पानी का बिल लेने खुद पहुंच रहे उपभोक्ता
शहर में पानी के 30 हजार से ज्यादा पेयजल उपभोक्ता हैं। इनमें बकायेदारों का आंकड़ा भी हजारों में हैं। हाउस टैक्स और बिजली बिल के मुकाबले लोग पानी के बिल को हल्के में लेते हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर भी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद हर साल बड़ी संख्या में बकायेदार वसूली से बच निकलते हैं। नोटबंदी होने के बाद लोग खुद अपने बिल ढूंढने जल संस्थान पहुंच रहे हैं। जलकल अभियंता एलसी रमोला के मुताबिक अभी बिल बांटने का काम शुरू ही किया गया है। बिल लेकर भुगतान करने वालों के अलावा ऐसे लोग भी विभाग में पहुंच रहे हैं, जिनके बिल अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वसूली मे 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोडवेज को फायदा नहीं तो नुकसान भी नहीं
नोटबंदी से रोडवेज को फायदा नहीं हुआ तो नुकसान भी नहीं हुआ है। इसका कारण यह है कि रोडवेज बसों में अभी भी बड़े नोट लिए जा रहे हैं। ऐसे में आमदनी घटने का सवाल नहीं उठता। वहीं बढ़ोतरी इस लिहाज से नहीं हो सकती कि लोग जरूरी काम से ही यात्रा पर घर से निकलते हैं। हरिद्वार रोडवेज के एआरएम सुरेश कुमार चौहान ने बताया कि डिपो में पहले के बराबर लगभग 12 लाख तक रोजाना की आय हो रही है। नोटबंदी के बाद कोई फायदा या नुकसान डिपो को नहीं हुआ है।

ऊर्जा निगम हो रहा माला माल
नोटबंदी के बीच ऊर्जा निगम के कलेक्शन सेंटरों पर धन की बारिश हो रही है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर ऊर्जा निगम को बकायेदारों से वसूली के लिए जगह जगह कैंप लगाकर पसीना बहाना पड़ता है, लेकिन अब बड़े नोटों के बंडल हाथों में लिए बकायेदार खुद बिल जमा करने आ रहे हैं। निगम के अधीक्षण अभियंता एनएस बिष्ट के अनुसार रोजाना 60 से 70 लाख रुपये तक की वसूली हो रही है। बड़े नोट केवल घरेलू उपभोक्ताओं से लिए जा रहे हैं। कामर्शियल उपभोक्ताओं को नए नोट ही देने होंगे।


इस समय राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद देनदारों को अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- मनीष कुमार, एसडीएम सदर

बीएसएनल में भी बड़े नोट मंजूर
 बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक ओमशंकर मिश्रा ने बताया कि  बीएसएनएल के जो उपभोक्ता अपने बिल जमा कराना चाहते हैं वे बड़े नोटों के साथ 24 नवंबर तक बिल जमा करा सकते हैं। बड़े नोट सरकार की तय सीमा के अनुसार मंजूर किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed