फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Research students met the principal regarding changing the supervision of the teacher.

Haridwar News: शिक्षक के सुपरविजन को बदलने को लेकर शोध छात्राएं प्राचार्य से मिलीं

Fri, 07 Nov 2025 12:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 12:03 AM IST
विज्ञापन
Research students met the principal regarding changing the supervision of the teacher.
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के परिसर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति का विवाद थमा नहीं था कि अब स्त्री एवं प्रसूति तंत्र विभाग में एक नया घमासान शुरू हो गया है। एक शोध छात्रा ने विभाग की विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं छात्रा के परिजनों ने प्रोफेसर का सुपरविजन हटाकर दूसरे को सौंपने की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

छात्रा ने न केवल पुलिस चौकी जाकर शिकायत की बल्कि लगातार विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाती रही। मामले की जांच के लिए परिसर निदेशक ने कमेटी गठित की थी। जांच के बाद प्रोफेसर का स्थानांतरण कर दिया गया था। विभागाध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कमेटी में अपना पक्ष रखा और उच्च न्यायालय से स्थगनादेश प्राप्त कर परिसर निदेशक को सौंप दिया।
विज्ञापन

अब छात्रा के परिजन प्रोफेसर का सुपरविजन हटाकर दूसरे को सौंपने की मांग कर रहे हैं। परिसर निदेशक ने कुलपति को पत्र भेजकर सुझाव मांगा है क्योंकि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है ऐसे में कोई भी निर्णय लेना असमंजस में फंसा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


15 साल से बंद लेबर रूम पर कैसे मिल रही डिग्री?
एक तरफ उत्पीड़न का विवाद चल रहा है वहीं दूसरी तरफ कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में लगभग डेढ़ दशक (15 साल) से स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का लेबर रूम बंद है और बच्चे की किलकारी नहीं गूंजी है। शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि शोधार्थियों को 6-6 माह की इंटर्नशिप दूसरे सरकारी अस्पतालों में पूरी करनी पड़ रही है। शिक्षकों का आरोप है कि अगर शोधार्थियों को प्रयोगात्मक तौर पर सीखने का अवसर नहीं मिल रहा है तो उन्हें कहीं न कहीं गलत तरीके से डिग्री दी जा रही है। इस गंभीर शैक्षणिक विसंगति पर परिसर से लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर तक के जिम्मेदार मूक बने हुए हैं। जिम्मेदारों ने इस प्रकरण पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed