फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Refused to take the large, four-hour stop body

बडे़ नोट लेने से इंकार, चार घंटे रोका शव

Wed, 16 Nov 2016 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Wed, 16 Nov 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
रामकृष्ण मिशन अस्पताल प्रबंधन ने छोटे नोट नहीं देने पर एक महिला के शव को चार घंटे तक रोके रखा। अस्पताल में हंगामा और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी अस्पताल प्रबंधन शव देने को तैयार नहीं हुआ। परिजनों ने किसी तरह से छोटे नोटों की व्यवस्था करके महिला का शव छुड़वाया।

कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे झुग्गी बस्ती, चंडीघाट निवासी लक्ष्मी देवी पत्नी तेजबीर को तबियत बिगड़ने पर भर्ती किया था। इलाज के दौरान शाम चार बजे लक्ष्मी की मौत हो गई। चिकित्सकों ने परिजनों को दस हजार रुपये बकाया का बिल थमा दिया। भुगतान के बाद ही शव देने की बात कही। परिजनों ने भुगतान करने में असमर्थता जताई। कुछ लोग मामले को लेकर अस्पताल के संचालक ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से मिले। उन्होंने बिल में पांच हजार की छूट दे दी। जैसे तैसे परिजनों ने रुपयों का इंतजाम किया, लेकिन पांच सौ और एक हजार रुपयों के नोट की ही व्यवस्था हो सकी। तेजबीर जब रुपयों को लेकर अस्पताल पहुंचा तो वहां काउंटर पर इन रुपयों को कर्मचारी ने लेने से इंकार कर दिया गया। अस्पताल के कर्मियों का कहना था कि छोटे नोट ही लिए जाएंगे।
विज्ञापन


इस पर परेशान परिजनों ने कुछ लोगों से संपर्क साधा। कई लोग उनके समर्थन में आ गए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव जेपी पांडे और व्यापारी अमित कुमार आदि ने ट्रस्ट के सदस्यों से संपर्क किया। इस पर भी बात नहीं बनी तो कनखल थानाध्यक्ष से शिकायत की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी अस्पताल प्रबंधन से बात की लेकिन वे नहीं माने। बाद में पुलिसकर्मियों और साथ आए लोगों ने छोटे नोटों का इंतजाम कराया। इसके बाद रात करीब आठ बजे शव परिजनों को दिया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


मिशन अस्पताल के मुख्य ट्रस्टी नित्यशुद्घानंद ने बताया कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट केवल सरकारी अस्पतालों को दिए जाने के निर्देश हैं। सभी मरीजों के साथ परिजनों को अस्पताल में भर्ती होने के समय बता दिया जाता है। अस्पताल प्रबंधन लोगों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रयासरत हैं। इस मामले में भी पूरा सहयोग किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed