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देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार, राजाजी रिजर्व हरिद्वार

Sat, 21 May 2022 08:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 08:15 PM IST
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Rajaji Tiger Reserve, buzzing with domestic and foreign tourists
चारधाम यात्रा और गर्मी का सीजन शुरू होने से हरिद्वार में रौनक है। यात्रियों का सैलाब उमड़ने से हरिद्वार के बाजार, होटल-ट्रेवल्स कारोबार ही नहीं राजाजी टाइगर रिजर्व भी गुलजार है। जंगल सफारी कर प्रकृति को करीब से निहारने और वन्य जीवों के दीदार के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। वीकेंड पर सफारी वाहन कम पड़ रहे हैं। वन विभाग के गेस्ट हाउस भी एडवांस बुक हो रहे हैं। चारधाम यात्रा के पंजीकरण स्लॉट फुल होने से जंगल सफारी करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है। चारधाम यात्रा नहीं कर पाने वाले निराश यात्रियों के चेेहरों पर जंगल सफारी से मुस्कान लौट रही है।
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राजाजी टाइगर रिर्जव 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटकों की सफारी के लिए खुलता है। राजाजी टाइगर रिजर्व हाथियों का गढ़ है। बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा, भालू, मोर और हिरण की कई प्रजातियां हैं। 80 से अधिक चिड़ियों का अद्भुत संसार है। घने हरे-भरे जंगल, तालाब और झरने पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। गर्मी और चारधाम यात्रा सीजन में सबसे अधिक जंगल सफारी करने पर्यटक पहुंचते हैं।
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बीते दो साल जंगल सफारी पर भी कोरोनाकाल का असर पड़ा। गिनती के पर्यटक आए। लेकिन इस बार जंगल की सफारी करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। चारधाम यात्रा के पंजीकरण स्लॉट फुल होने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का दबाव बढ़ गया है। चीला, मोतीचूर और रानीपुर गेट रेंज पहली पसंद बने हैं। हिरनों के झुंड जंगल सफारी के ट्रैकों के आसपास विचरण करते नजर आते हैं। पक्षियों की चहचहाहट मन को सुकून देती है। चीला रेंज क्षेत्रफल में सबसे बड़ा है और 37 किमी का सफारी ट्रैक है। यहां करीब 50 वाहनों से पर्यटकों को सफारी कराई जाती है। हरिद्वार वन प्रभाग के झिलमिल रेंज में भी पर्यटकों का जमावड़ा लग रहा है। झिलमिल रेंज में प्रदेश में सर्वाधिक बारहसिंगा हैं। जून तक रिकार्ड पर्यटक पहुंचने की संभावना है। इससे राजाजी पार्क प्रशासन के अफसर काफी उत्साहित हैं।
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चीला में तीन गुना अधिक आ चुके हैं पर्यटक
चीला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनिल पैन्यूली के मुताबिक दो साल कोरोना की मार रही। 15 नवंबर 2018 से अप्रैल 2019 तक चीला रेंज में 428 पर्यटकों ने सफारी की। कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ फिर लॉकडाउन लग गया। 15 नवंबर 2021 से लेकर 22 अप्रैल 2022 तक चीला रेंज में 1200 पर्यटक सफारी कर चुके हैं। इनमें कई विदेशी पर्यटक भी हैं।

26 लाख से अधिक मिल चुका है राजस्व
राजाजी पार्क में घूमने पहुंचने वाले पर्यटकों से काफी आय होती है। देशी पर्यटकों से 150 रुपये प्रति व्यक्ति और विदेशी से 600 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट है। देशी पर्यटकों की गाड़ी पंजीकरण 250 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए पांच सौ रुपये पंजीकरण शुल्क है। दो हजार रुपये जंगल सफारी की गाड़ी का किराया लिया जाता है। चीला में अप्रैल तक पर्यटकों के आवागमन से 267025 रुपये का राजस्व मिल चुका है।
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