फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Haridwar: Swami Rambhadracharya's statement, if POK comes to India then I will anoint King Ram again

Haridwar: स्वामी रामभद्राचार्य का बयान, पीओके भारत में आया तो फिर से करुंगा राजा राम का अभिषेक

Sun, 16 Jun 2024 07:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 16 Jun 2024 07:04 PM IST
सार

कथा को विश्राम देने से पूर्व स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि श्रीराम कथा मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। गंगा रूपी श्री राम कथा अपने पुण्य प्रवाह से लोगों का उद्धार करती है।

विज्ञापन
Haridwar: Swami Rambhadracharya's statement, if POK comes to India then I will anoint King Ram again
स्वामी रामभद्राचार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने शनिवार को नौवें दिन श्रीराम कथा को भगवान के चांदी के विग्रह का अभिषेक करने बाद विश्राम दिया। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद उन्होंने गंगा तट के किनारे कथा करने और भगवान के अभिषेक का संकल्प लिया था। इस संकल्प को उन्होंने पूरा किया और कहा कि राजाराम से वह दक्षिणा के रूप में पाक अधिकृत कश्मीर की मांग किए हैं। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि उनको जिस दिन दक्षिणा मिलेगी आज की ही तरह वह फिर से गंगा तट पर आएंगे और भगवान का अभिषेक करेंगे।

विज्ञापन


कथा को विश्राम देने से पूर्व स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि श्रीराम कथा मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। गंगा रूपी श्री राम कथा अपने पुण्य प्रवाह से लोगों का उद्धार करती है। श्री राम कथा जनरूपी गंगा है। उन्होंने कहा कि श्री राम कथा जीवन जीने की एक उत्तम कला है। भगवान श्री राम ने अपने जीवन में जो आदर्श स्थापित किए, वह समाज को प्रेरणा देने वाले हैं। इसलिए भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए।
विज्ञापन


Haridwar: नारसन से सप्तऋषि तक और लगेंगे 112 सीसीटीवी कैमरे, खुद कप्तान रख रहे हर गतिविधि पर नजर
विज्ञापन
विज्ञापन


भगवान श्री राम और सीता माता के अलौकिक जीवन का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने सीता माता की तुलना देवी से की। वहीं उन्होंने समाज में जन आकांक्षाओं को स्थापित करने के लिए सीता माता की अग्नि परीक्षा भी कराई। अग्नि भी चंदन बन गई यानी प्रभु राम की कृपा से अग्नि ने भी शीतलता प्राप्त कर ली।


प्रभु राम के अलौकिक और दिव्य रूप का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम कमल के समान सुंदर हैं, तभी उनके नयनों को कमलनयन कहा गया है। प्रभु श्री राम ऐसे अवतार महापुरुष हैं, जो भक्तों की कृपा से तृप्त हैं। तुलसी पीठाधीश्वर ने कहा कि प्रभु राम ने रावण का वध करके लंका पर विजय प्राप्त की और असत्य पर सत्य की विजय हुई। विभीषण ने राम रूपी गंगा में स्नान करके अपने जीवन को धन्य कर दिया।

कथा के दौरान मुख्य यजमान प्रशांत शर्मा और अचिन अग्रवाल, मुख्य संयोजक नितिन माना, नमित गोयल, सुनील अग्रवाल गुड्डू, अंकित गोयल, अखिलेश शिवपुरी, गगन, गौरव गुप्ता आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed