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Haridwar News: ऊषा ब्रेको पर बकाया को लेकर नोटिस, कंपनी ने पत्र भेजकर पूछा बकाया का विवरण बताएं
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हरिद्वार। चंडी देवी और मनसा देवी रोपवे का अनुबंध अप्रैल में समाप्त हो रहा है। इससे पूर्व नगर निगम ने नोटिस भेजकर 77 लाख रुपये बकाया जमा करने का निर्देश दिया है। वहीं कंपनी ने भी नगर निगम को पत्र भेजकर बकाया विवरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। बता दें कि रोपवे संचालन को लेकर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी बीच बकाया धनराशि को लेकर नोटिस भेजने पर सवाल उठ रहे हैं। बीते वर्ष नवरात्र के समय में अनुबंध समाप्त हो गया था। इसके चलते लाखों यात्री प्रभावित हुए थे। टेंडर को लेकर कुछ कंपनियां हाईकोर्ट भी गई थीं। इनमें कई आरटीआई कार्यकर्ताओं ने रोपवे संचालन को लेकर तमाम खामियों और नगर निगम से मिलीभगत का आरोप लगाया था। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में फिर से संचालन का जिम्मा ऊषा ब्रेको को ही मिला।
टेंडर के दौरान बकाया धनराशि जो कोराेना काल का बताया जा रहा है उसकी वसूली नहीं की गई। अब जब टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू होने की बारी आई तो बकाया की बात सामने आ रही है।
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नगर निगम को पत्र भेजा गया है। इसमें बकाया के मुद्दे पर उनसे पूरा विवरण मांगा गया है। अनुबंध के तहत जब करोड़ों रुपये कंपनी भुगतान कर रही है तो बकाया यदि सही तरीके से बताया गया तो उसे जमा किया जाएगा। यह अलग बात है कि इसकी जानकारी शायद नगर निगम प्रशासन को भी नहीं होगी या कंपनी को भी अवगत न कराया गया हो। विवरण में जो भी धनराशि आएगी उसे ससमय जमा किया जाएगा।
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मनोज डोबाल, क्षेत्रीय प्रबंधक ऊषा ब्रेका लिमिटेड
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कंपनी को वर्ष 2024 में बकाया धनराशि जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है। फिलहाल, नया टेंडर होने के बाद से कोई बकाया नहीं है। यह पुराना बकाया धनराशि है, जिसकी वसूली नियम अनुसार करनी है। कंपनी की ओर से यदि इसका विवरण मांगा गया है तो निश्चित तौर पर उन्हें पूरी जानकारी दी जाएगी।
रवीन्द्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त
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पास मांगने वालों की संख्या से परेशान कंपनी
ऊषा ब्रेको कंपनी के आंतरिक मामलों में भी कई तरह की परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी के संचालन के लिए नियम और शर्तें लागू हैं। इसके बावजूद पास लेकर मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। संचालनकर्ता कंपनी के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन कहीं न कहीं से लोग फ्री यात्रा के लिए पास के लिए दबाव बनाते हैं। इसमें भीड़ की वजह से कभी-कभी संचालन कुछ देर के लिए बंद या वन-वे करना पड़ता है। ऐसी दशा में पास मांगने वाले लोग भी अनावश्यक रूप से परेशानी का करण बन रहे हैं। अब कंपनी पास के लिए उस अथॉरिटी से भी अनुरोध करेगी जो इसके संचालन की जिम्मेदारी रखती है।
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टेंडर के दौरान बकाया धनराशि जो कोराेना काल का बताया जा रहा है उसकी वसूली नहीं की गई। अब जब टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू होने की बारी आई तो बकाया की बात सामने आ रही है।
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नगर निगम को पत्र भेजा गया है। इसमें बकाया के मुद्दे पर उनसे पूरा विवरण मांगा गया है। अनुबंध के तहत जब करोड़ों रुपये कंपनी भुगतान कर रही है तो बकाया यदि सही तरीके से बताया गया तो उसे जमा किया जाएगा। यह अलग बात है कि इसकी जानकारी शायद नगर निगम प्रशासन को भी नहीं होगी या कंपनी को भी अवगत न कराया गया हो। विवरण में जो भी धनराशि आएगी उसे ससमय जमा किया जाएगा।
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मनोज डोबाल, क्षेत्रीय प्रबंधक ऊषा ब्रेका लिमिटेड
कंपनी को वर्ष 2024 में बकाया धनराशि जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है। फिलहाल, नया टेंडर होने के बाद से कोई बकाया नहीं है। यह पुराना बकाया धनराशि है, जिसकी वसूली नियम अनुसार करनी है। कंपनी की ओर से यदि इसका विवरण मांगा गया है तो निश्चित तौर पर उन्हें पूरी जानकारी दी जाएगी।
रवीन्द्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त
पास मांगने वालों की संख्या से परेशान कंपनी
ऊषा ब्रेको कंपनी के आंतरिक मामलों में भी कई तरह की परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी के संचालन के लिए नियम और शर्तें लागू हैं। इसके बावजूद पास लेकर मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। संचालनकर्ता कंपनी के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन कहीं न कहीं से लोग फ्री यात्रा के लिए पास के लिए दबाव बनाते हैं। इसमें भीड़ की वजह से कभी-कभी संचालन कुछ देर के लिए बंद या वन-वे करना पड़ता है। ऐसी दशा में पास मांगने वाले लोग भी अनावश्यक रूप से परेशानी का करण बन रहे हैं। अब कंपनी पास के लिए उस अथॉरिटी से भी अनुरोध करेगी जो इसके संचालन की जिम्मेदारी रखती है।