{"_id":"6595ae33e5521d9aba009226","slug":"laldhang-folk-cultural-ball-fair-committee-is-organizing-haridwar-news-c-5-1-drn1030-321187-2024-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: लालढांग में 13 जनवरी से गेंद मेले की रहेगी धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: लालढांग में 13 जनवरी से गेंद मेले की रहेगी धूम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
I
I
I
I
I- लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति कार्यक्रम की तैयारियों में जुटीI
लालढांग लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति की ओर से 13 जनवरी से क्षेत्र के प्रसिद्ध मां काली मंदिर मैदान में तीन दिवसीय गेंद मेले (गिन्दी कौथिग) का आयोजन किया जाएगा। इस मेले की शुरुआत क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व की गई थी, जो अब प्रसिद्ध हो चुका है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी तक चलेगा। इसमें क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों की ओर से खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में चरखी, खिलौने, बर्तन, चूड़ी, बिंदी आदि दुकानों के साथ ही खाद्य पदार्थों की दुकानें भी सजेंगी। मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र घरेलू आवश्यकता के सामान की दुकानें होती हैं। साथ ही मेले में गेंद के लिए दो टीमों का जबरदस्त मुकाबला मां काली मंदिर के मैदान में होगा।
इस दौरान समिति के अध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह नेगी, देवेंद्र रतूडी, कीर्ति मोहन द्विवेदी, लोकेश नेगी, विमल डबराल, सुरेंद्र रावत, प्रकाश डोबरियाल, दीपक ज़ख्मोला, संजय नेगी, आकाश, राजेंद्र राणा, महिपाल सिंह रावत, जगत सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Iथल नदी से लाई गई गिदोडू फल की गेंदI
लालढांग लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति के सचिव हरिमोहन रावत ने बताया कि मेले के लिए गेंद यमकेश्वर व दुगड्डा ब्लाक की थल नदी से लाई गई है। गिदोडू फल से बनी यह गेंद 10 से 15 किलो बजन की है। इससे खेलने के लिए दो टीमें बनाई जाती हैं। टीम गेंद पकड़े व्यक्ति को धकेलते हुए अपने पाले में लाती है। विजेता टीम को पुरस्कृत किया जाता है।
विज्ञापन
I
I
I
I- लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति कार्यक्रम की तैयारियों में जुटीI
लालढांग लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति की ओर से 13 जनवरी से क्षेत्र के प्रसिद्ध मां काली मंदिर मैदान में तीन दिवसीय गेंद मेले (गिन्दी कौथिग) का आयोजन किया जाएगा। इस मेले की शुरुआत क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व की गई थी, जो अब प्रसिद्ध हो चुका है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 15 जनवरी तक चलेगा। इसमें क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों की ओर से खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में चरखी, खिलौने, बर्तन, चूड़ी, बिंदी आदि दुकानों के साथ ही खाद्य पदार्थों की दुकानें भी सजेंगी। मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र घरेलू आवश्यकता के सामान की दुकानें होती हैं। साथ ही मेले में गेंद के लिए दो टीमों का जबरदस्त मुकाबला मां काली मंदिर के मैदान में होगा।
विज्ञापन
इस दौरान समिति के अध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह नेगी, देवेंद्र रतूडी, कीर्ति मोहन द्विवेदी, लोकेश नेगी, विमल डबराल, सुरेंद्र रावत, प्रकाश डोबरियाल, दीपक ज़ख्मोला, संजय नेगी, आकाश, राजेंद्र राणा, महिपाल सिंह रावत, जगत सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Iथल नदी से लाई गई गिदोडू फल की गेंदI
लालढांग लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति के सचिव हरिमोहन रावत ने बताया कि मेले के लिए गेंद यमकेश्वर व दुगड्डा ब्लाक की थल नदी से लाई गई है। गिदोडू फल से बनी यह गेंद 10 से 15 किलो बजन की है। इससे खेलने के लिए दो टीमें बनाई जाती हैं। टीम गेंद पकड़े व्यक्ति को धकेलते हुए अपने पाले में लाती है। विजेता टीम को पुरस्कृत किया जाता है।