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डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की रखें निगरानी: डा. रावत
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उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि डेंगू की दृष्टि से जिले में चिह्नित संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। दवाओं की छिड़काव करते हुए लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि नवंबर माह तक स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों से समन्वय करते हुए सतर्कता बरते।
डॉ. धन सिंह रावत शनिवार को रोशनाबाद स्थित स्वास्थ्य विभाग के सभागार में डेंगू से बचाव एवं रोकथाम को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री को समक्ष डेंगूरोधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर की गई तैयारी साझा की। डॉ. रावत ने अधिकारियों से पूछा कि वर्ष 2010 से लेकर अब तक जिले के किन किन इलाकों में डेंगू के केस और सर्वाधिक केस किस क्षेत्र से मिले हैं। अधिकारियों ने हर साल का डेटा साझा किया। डॉ. रावत ने कहा कि डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने डेंगू के जांच केंद्रों, उपचार और रेफरल की व्यवस्था, ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दवाओं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट की किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र, चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, चिकित्साधीक्षक रुड़की डॉ. संजय कंसल, डॉ. चंदन मिश्रा, डॉ. सुबोध जोशी, डॉ. विक्रांत सिरोही, डॉ. गंभीर तालियान, डॉ. आरके सिंह, डॉ. दिल्लीरमन, डॉ. अचिंतन गर्ग, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. मनीष कुमार, ऊषा बिष्ट मौजूद रही।
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डॉ. धन सिंह रावत शनिवार को रोशनाबाद स्थित स्वास्थ्य विभाग के सभागार में डेंगू से बचाव एवं रोकथाम को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री को समक्ष डेंगूरोधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर की गई तैयारी साझा की। डॉ. रावत ने अधिकारियों से पूछा कि वर्ष 2010 से लेकर अब तक जिले के किन किन इलाकों में डेंगू के केस और सर्वाधिक केस किस क्षेत्र से मिले हैं। अधिकारियों ने हर साल का डेटा साझा किया। डॉ. रावत ने कहा कि डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
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उन्होंने डेंगू के जांच केंद्रों, उपचार और रेफरल की व्यवस्था, ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दवाओं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट की किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र, चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, चिकित्साधीक्षक रुड़की डॉ. संजय कंसल, डॉ. चंदन मिश्रा, डॉ. सुबोध जोशी, डॉ. विक्रांत सिरोही, डॉ. गंभीर तालियान, डॉ. आरके सिंह, डॉ. दिल्लीरमन, डॉ. अचिंतन गर्ग, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. मनीष कुमार, ऊषा बिष्ट मौजूद रही।
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