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डिहाइड्रेशन और डायरिया की चपेट में आ रहे कांवड़िए
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कांवड़ यात्रा में कांवड़िए दिनरात पैदल चलने से शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। बासी भोजन और अनियमित खानपान से भी यह शिकायत बढ़ रही है। बीते 48 घंटे में जिला अस्पताल में 21 कांवड़ियों को भर्ती कराया गया है।
कांवड़ यात्रा चरम पर है। लाखों कांवड़िए पैदल हरिद्वार पहुंच रहे हैं। गंगाजल भरकर अपने गंतव्यों को रवाना हो रहे हैं। मौसमी बदलाव और अनियमित दिनचर्या से कांवड़िए बीमार पड़ रहे हैं। उमसभरी गर्मी में पैदल चलने से निकलने वाले पसीने से शरीर में की कमी हो रही है। इसकी अनदेखी करने से कांवड़िए डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं।
होटल-ढाबों में बासी भोजन खाने से यह समस्या आ रही है। कई हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। बारिश के दिनों में हैंडपंपों से पानी गंदा आता है, जिसे पीने से उल्टी दस्त की समस्या हो रही है। जिला अस्पताल में कांवड़ियों का इलाज फ्री हो रहा है। जबकि सामान्य मरीजों से यूजर चार्ज लिया जाता है। मेला अस्पताल जीरो जोन क्षेत्र में है। सामान्य मरीजों की ओपीडी है। सामान्य दिनों में अस्पताल की करीब 400 तक ओपीडी पहुंचते है, लेकिन कांवड़ मेले के बाद ओपीडी में 250 मरीज आ रहे हैं। संवाद
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70 में से छह बेड रिजर्व
वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. चंदन कुमार मिश्रा के मुताबिक अस्पताल में 70 बेड हैं। इनमें 12 बेड प्राइवेट हैं। 6 बेड कुपोषित बच्चों के लिए रिजर्व रखते हैं। कांवड़ मेला के दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने पर अस्पताल प्रशासन ने 6 बेड रिजर्व रखे हैं। जबकि 28 बेड सामान्य बीमारियों के मरीज के लिए हैं।
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कांवड़ यात्रा चरम पर है। लाखों कांवड़िए पैदल हरिद्वार पहुंच रहे हैं। गंगाजल भरकर अपने गंतव्यों को रवाना हो रहे हैं। मौसमी बदलाव और अनियमित दिनचर्या से कांवड़िए बीमार पड़ रहे हैं। उमसभरी गर्मी में पैदल चलने से निकलने वाले पसीने से शरीर में की कमी हो रही है। इसकी अनदेखी करने से कांवड़िए डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं।
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होटल-ढाबों में बासी भोजन खाने से यह समस्या आ रही है। कई हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। बारिश के दिनों में हैंडपंपों से पानी गंदा आता है, जिसे पीने से उल्टी दस्त की समस्या हो रही है। जिला अस्पताल में कांवड़ियों का इलाज फ्री हो रहा है। जबकि सामान्य मरीजों से यूजर चार्ज लिया जाता है। मेला अस्पताल जीरो जोन क्षेत्र में है। सामान्य मरीजों की ओपीडी है। सामान्य दिनों में अस्पताल की करीब 400 तक ओपीडी पहुंचते है, लेकिन कांवड़ मेले के बाद ओपीडी में 250 मरीज आ रहे हैं। संवाद
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70 में से छह बेड रिजर्व
वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. चंदन कुमार मिश्रा के मुताबिक अस्पताल में 70 बेड हैं। इनमें 12 बेड प्राइवेट हैं। 6 बेड कुपोषित बच्चों के लिए रिजर्व रखते हैं। कांवड़ मेला के दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने पर अस्पताल प्रशासन ने 6 बेड रिजर्व रखे हैं। जबकि 28 बेड सामान्य बीमारियों के मरीज के लिए हैं।