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हॉकी में बिना मैदान के मारते हैं ‘मैदान’
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हॉकी स्टेडियम का टोटा होने के बावजूद राज्य में हॉकी के लिए बनने वाली टीमों में हरिद्वार के खिलाड़ियों का दबदबा रहता है। जनपद में 55 खिलाड़ी ऐसे हैं जो नियमित रूप से प्रैक्टिस करते हैं। ये खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हैं।
देश के अन्य राज्यों की तरह हरिद्वार में भी क्रिकेट के मुकाबले हॉकी के प्रति ज्यादा रुझान नहीं है। यदि जनपद में सुविधाओं की बात करें तो एकमात्र स्टेडियम रोशनाबाद में है। यह शहर से 16 किलोमीटर दूर होने के कारण खिलाड़ियों का यहां पहुंचना मुश्किल होता है। स्पोर्ट्स स्टेडियम के पीछे ही एक नेशनल हॉकी स्टेडियम भी राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। अभी इसे खेल विभाग को नहीं सौंपा गया है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की, बीईजी रुड़की व श्रीराम कॉलेज श्यामपुर में भी हॉकी के मैदान हैं। यह मैदान जन सामान्य खिलाड़ियों के लिए नहीं हैं। यहां इन संस्थानों खिलाड़ी ही खेलते हैं। तमाम बाधाओं और सुविधाओं के अभाव के बाद भी महिला वर्ग की सीनियर, जूनियर, सब जूनियर राज्य की टीमों के चयन में पांच से 12 तक खिलाड़ी हर साल हरिद्वार जिले से होते हैं। इसी तरह पुरुष टीम में भी चार से पांच खिलाड़ियों का चयन हर टीम में हरिद्वार से होता है।
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हरिद्वार में राज्य का एक मात्र हॉकी छात्रावास
स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही राज्य स्तरीय बालिका वर्ग का एक मात्र हॉकी छात्रावास है। जिसमें 25 तक बालिका खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते छात्रावास बंद है। इसमें 20 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। पांच सीटें अभी खाली हैं। इसमें खिलाड़ियों को नि:शुल्क शिक्षा, खाना-पीना, रहना, खेल सामग्री आदि दी जाती है।
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दो स्कूलों में हॉकी टीम
खेलों में क्रिकेट, बॉस्केट बॉल, वालीबाल, बॉक्सिंग आदि की टीमों तो हर स्कूल कॉलेजों में मिल जाती हैं, लेकिन हॉकी खेलने में न तो छात्र रुझान दिखाते हैं और न ही स्कूल प्रबंधन टीमों का गठन करने में दिलचस्पी लेते हैं। उप जिला क्रीड़ा अधिकारी वरुण बेलवाल ने बताया कि जनपद में केवल श्रीराम कॉलेज श्यामपुर और पुलिस मॉर्डन पब्लिक स्कूल में ही हॉकी की टीमें हैं।
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देश के अन्य राज्यों की तरह हरिद्वार में भी क्रिकेट के मुकाबले हॉकी के प्रति ज्यादा रुझान नहीं है। यदि जनपद में सुविधाओं की बात करें तो एकमात्र स्टेडियम रोशनाबाद में है। यह शहर से 16 किलोमीटर दूर होने के कारण खिलाड़ियों का यहां पहुंचना मुश्किल होता है। स्पोर्ट्स स्टेडियम के पीछे ही एक नेशनल हॉकी स्टेडियम भी राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। अभी इसे खेल विभाग को नहीं सौंपा गया है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की, बीईजी रुड़की व श्रीराम कॉलेज श्यामपुर में भी हॉकी के मैदान हैं। यह मैदान जन सामान्य खिलाड़ियों के लिए नहीं हैं। यहां इन संस्थानों खिलाड़ी ही खेलते हैं। तमाम बाधाओं और सुविधाओं के अभाव के बाद भी महिला वर्ग की सीनियर, जूनियर, सब जूनियर राज्य की टीमों के चयन में पांच से 12 तक खिलाड़ी हर साल हरिद्वार जिले से होते हैं। इसी तरह पुरुष टीम में भी चार से पांच खिलाड़ियों का चयन हर टीम में हरिद्वार से होता है।
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हरिद्वार में राज्य का एक मात्र हॉकी छात्रावास
स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही राज्य स्तरीय बालिका वर्ग का एक मात्र हॉकी छात्रावास है। जिसमें 25 तक बालिका खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते छात्रावास बंद है। इसमें 20 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। पांच सीटें अभी खाली हैं। इसमें खिलाड़ियों को नि:शुल्क शिक्षा, खाना-पीना, रहना, खेल सामग्री आदि दी जाती है।
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दो स्कूलों में हॉकी टीम
खेलों में क्रिकेट, बॉस्केट बॉल, वालीबाल, बॉक्सिंग आदि की टीमों तो हर स्कूल कॉलेजों में मिल जाती हैं, लेकिन हॉकी खेलने में न तो छात्र रुझान दिखाते हैं और न ही स्कूल प्रबंधन टीमों का गठन करने में दिलचस्पी लेते हैं। उप जिला क्रीड़ा अधिकारी वरुण बेलवाल ने बताया कि जनपद में केवल श्रीराम कॉलेज श्यामपुर और पुलिस मॉर्डन पब्लिक स्कूल में ही हॉकी की टीमें हैं।