हरिद्वार: उत्तराखंड-यूपी के छह जिलों के किसानों के लिए जरूरी खबर, 19 दिन बंद रहेगी ऊपरी गंगा नहर
उत्तर प्रदेश शासन के अनु सचिव रमेश चन्द्र की ओर से प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजे गए आदेश में नहर की वार्षिक बंदी की अवधि निर्धारित की गई है।
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हरिद्वार समेत छह जिलों के किसानों के लिए जरूरी खबर है। ऊपरी गंगा नहर की वार्षिक बंदी के दौरान नहर में मरम्मत, पुनर्स्थापना और सुदृढ़ीकरण समेत विभिन्न अनुरक्षण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने नहरबंदी का आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश के अनुसार, ऊपरी गंगा नहर 20व 21 अक्तूबर की मध्य रात्रि से 7व8 नवंबर 2026 की मध्य रात्रि तक बंद रहेगी।
उत्तर प्रदेश शासन के अनु सचिव रमेश चन्द्र की ओर से प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजे गए आदेश में नहर की वार्षिक बंदी की अवधि निर्धारित की गई है। आदेश के अनुसार, इस दौरान नहर में प्रस्तावित सभी मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य अनिवार्य रूप से पूरे कराए जाने हैं।
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छह जिलों में किसानों को किया जाएगा जागरूक
ऊपरी गंगा नहर की बंदी का असर हरिद्वार, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बिजनौर और अलीगढ़ जिलों के नहर से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है। शासन की ओर से इन जिलों के जिलाधिकारियों को भी आदेश की जानकारी भेजी गई है, ताकि नहरबंदी के संबंध में किसानों और संबंधित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते अवगत कराया जा सके। शासन ने निर्देश दिए हैं कि नहर बंद रहने की जानकारी का स्थानीय किसानों तक समाचार एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रीय सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी नहरबंदी की जानकारी देने को कहा गया है।
अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश
नहरबंदी की निर्धारित अवधि में मरम्मत, पुनर्स्थापना और सुदृढ़ीकरण से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि बंदी के दौरान सभी अनुरक्षण कार्य अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। नहर से जुड़े क्षेत्रों में सिंचाई के लिए इस पर निर्भर किसानों को बंदी की अवधि को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि संबंधी योजनाएं बनाने की जरूरत होगी। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किसानों तक समय पर सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।