{"_id":"64b6e34ca23482a15a0fdcc5","slug":"if-you-go-without-rain-you-will-be-cursed-in-monsoon-haridwar-news-c-5-1-drn1065-203635-2023-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: बिन बरसे यदि चले गए तो शाप लगे सावन में...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: बिन बरसे यदि चले गए तो शाप लगे सावन में...
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पारिजात साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच की ओर से शिवालिक नगर में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें कवियों ने वर्षा ऋतु और सावन की फुहार के साथ ही विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर रचनाएं प्रस्तुत की। मंच के सचिव भूदत्त शर्मा के गीत ‘कोयल ने गागा कर सब को बतलाया है रिमझिम से बूंदों संग फिर सावन आया है’ सुनाकर सभी को ऋतुओं से जोड़ा। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे साधुराम पल्लव ने ‘बादल पानी बम हुए नदियां चढ़ी मचान...’ केपी सिंह धवल ने बादल से विनती करते हुए गीत पढ़ा ‘बिन बरसे यदि चले गए तो शाप लगे सावन में...’ सुनाकर सभी को विभोर कर दिया।
शिव शक्ति का बखान करते हुए सोनेश्वर कुमार सोना ने पढ़ा ‘मैं शिशिर का हूं प्रणेता पुष्प क्या उपहार दोगे’, शिव से विनती करते हुए राजकुमारी चौहान ने पढ़ा ‘हमारे जीवन का भी कुछ विष तुम पी लेना जी’, नीता नैय्यर निष्ठा ने ‘वर्षा की प्रथम फुहार से जो महक उठता है...’ सुनाया। काव्य गोष्ठी में शशि रंजन चौधरी, अमित कुमार मीत, अनवर आरिज, कल्पना कुशवाहा, मदन सिंह यादव ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को बांधे रखा।
शिव शक्ति का बखान करते हुए सोनेश्वर कुमार सोना ने पढ़ा ‘मैं शिशिर का हूं प्रणेता पुष्प क्या उपहार दोगे’, शिव से विनती करते हुए राजकुमारी चौहान ने पढ़ा ‘हमारे जीवन का भी कुछ विष तुम पी लेना जी’, नीता नैय्यर निष्ठा ने ‘वर्षा की प्रथम फुहार से जो महक उठता है...’ सुनाया। काव्य गोष्ठी में शशि रंजन चौधरी, अमित कुमार मीत, अनवर आरिज, कल्पना कुशवाहा, मदन सिंह यादव ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को बांधे रखा।
विज्ञापन