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Haridwar News: पौड़ी में आज से शुरू होगा हर्बल कुंभ व धन्वंतरि महोत्सव
Tue, 03 Nov 2026 06:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Tue, 03 Nov 2026 06:00 PM IST
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- किसानों को मिलेगा कई उद्देश्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशिक्षण
- मेले में प्रतिभागियों के लिए की गई है निशुल्क रहने खाने की सुविधा
हरिद्वार। पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से पौड़ी गढ़वाल के मालाग्राम स्थित हर्बल वर्ल्ड हिमालय में 4 यानी आज से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण इसके मुख्य संरक्षक होंगे। महोत्सव में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, धनसिंह रावत, भगत सिंह चौधरी और सौरभ बहुगुणा अलग-अलग दिनों में शामिल होंगे। मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों से जोड़ना और हिमालयी फसलों की मूल्य शृंखला को मजबूत करना है। साथ ही ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेले के प्रमुख आकर्षणों में पतंजलि किसान डायरी का विमोचन, कृषि प्रदर्शनी और हाई-वैल्यू फसलों के प्रदर्शन प्लॉट शामिल हैं। मृदा संरक्षण, जैविक खेती, डिजिटल कृषि, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण सत्र भी होंगे। प्रदर्शनी के लिए स्टॉल निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। पंजीकृत स्टॉल धारकों और प्रतिभागियों के लिए निशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था भी रहेगी।
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- मेले में प्रतिभागियों के लिए की गई है निशुल्क रहने खाने की सुविधा
हरिद्वार। पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से पौड़ी गढ़वाल के मालाग्राम स्थित हर्बल वर्ल्ड हिमालय में 4 यानी आज से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण इसके मुख्य संरक्षक होंगे। महोत्सव में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, धनसिंह रावत, भगत सिंह चौधरी और सौरभ बहुगुणा अलग-अलग दिनों में शामिल होंगे। मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों से जोड़ना और हिमालयी फसलों की मूल्य शृंखला को मजबूत करना है। साथ ही ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेले के प्रमुख आकर्षणों में पतंजलि किसान डायरी का विमोचन, कृषि प्रदर्शनी और हाई-वैल्यू फसलों के प्रदर्शन प्लॉट शामिल हैं। मृदा संरक्षण, जैविक खेती, डिजिटल कृषि, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण सत्र भी होंगे। प्रदर्शनी के लिए स्टॉल निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। पंजीकृत स्टॉल धारकों और प्रतिभागियों के लिए निशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था भी रहेगी।