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Haridwar News: कुरीतियों के खिलाफ अलख जगाने वाले गुरु को नमन

Sun, 27 Sep 2026 01:12 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:12 AM IST
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Guru Amardas Maharaj's memory celebrated
सिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास महाराज का स्मृति दिवस कनखल स्थित तपस्थान गुरुद्वारा तीजी पातशाही में मनाया गया। इस अवसर पर संत समाज और देशभर से आए श्रद्धालु भक्तों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। सभी ने गुरु अमरदास के दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानव कल्याण में योगदान का संकल्प लिया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि गुरु अमरदास ने सती घाट पर तपस्या कर धर्म और अध्यात्म की अलख जगाई। गुरु महाराज ने तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण किया। उन्होंने सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति को बंद कराया। महंत जसविंदर सिंह ने सभी से मानव सेवा में योगदान करने का आह्वान किया। तीजी पातशाही तपस्थल गुरु अमरदास गुरुद्वारा के महंत रंजय सिंह ने गुरु अमरदास को त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि गुरु अमरदास महान समाज सुधारक थे। गुरु अमरदास ने अपने जीवनकाल में 22 बार हरिद्वार की यात्रा की। कनखल स्थित सती घाट पर तपस्या कर सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और समाजसेवा का संदेश दिया।
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गुरु अमरदास महाराज के स्मृति दिवस के साथ ही गुरुद्वारे के ब्रह्मलीन महंतों की पुण्यतिथि भी मनाई गई। इनमें महंत साधु सिंह, महंत रणवीर सिंह और महंत जसविंदर सिंह सोढ़ी शामिल थे। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी ने महंत जसविंदर सिंह सोढ़ी के समाज सेवा और धर्म संस्कृति संरक्षण में योगदान को याद किया।
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इस अवसर पर श्री गुरुग्रंथ साहब के अखंड पाठ के साथ अरदास की गई और भोग लगाया गया। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी ने गुरुओं के मार्गदर्शन और उनकी वाणी की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। बिनिंदर कौर सोढ़ी ने बताया कि गुरु अमरदास ने सामाजिक समरसता के लिए लंगर प्रथा की शुरुआत की। उन्होंने जातपात के बंधनों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सभी 13 अखाड़ों के संत महंत और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।
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