Haridwar: विदेशी षडयंत्रों की टूल किट समलैंगिक विवाह और लिव इन...परांडे और साध्व प्रज्ञा का पढ़ें पूरा बयान
हिप ने पूज्य साध्वी संगोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में देशभर की महिला संतों ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने प्रस्तावना रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत और हिन्दू समाज पर अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों के आधार पर चौतरफा हमले हो रहें हैं।
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विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि समलैंगिक विवाह और लिव इन रिलेशनशिप विदेशी षड्यंत्रों की टूल किट है। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से विदेशी शक्तियां परिवार और वैवाहिक व्यवस्थाओं को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। देश के सीमावर्ती राज्य, वनवासी, आदिवासी, वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में धर्मांतरण चल रहा हैं। परांडे ने संतों से इन क्षेत्रों में प्रवास कर धर्म जागरण अभियान चलाने का अनुरोध किया।
कनखल स्थित श्री विष्णु निवास आश्रम में विहिप ने पूज्य साध्वी संगोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में देशभर की महिला संतों ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने प्रस्तावना रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत और हिन्दू समाज पर अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों के आधार पर चौतरफा हमले हो रहें हैं।
भारत ने अपनी सनातन संस्कृति, धर्म और समाज सदैव रक्षा की है। उन्होंने कहा कि देश और धर्म की रक्षा के लिए हमारे महान पूर्वजों ने अध्यात्म, नैतिक, जीवन मूल्यों की रक्षा हेतु त्याग और संघर्ष किया हैं। उन्हाेंने महिला संतों से निवेदन किया कि वह अपने कार्यक्षेत्रों में संपर्क और प्रवास करें। हिंदुओं को धर्म आस्था से जोड़ने की आवश्यकता हैं। हिंदुओं में पलायन नहीं पराक्रम का भाव भरना होगा। वर्तमान समय में हिंदुओं में शौर्य पराक्रम का जागरण, परिवारों में संस्कार देना, परिवार, कुटुंब, समाज प्रबोधन करने में महिला संतों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
धर्मांतरण और लव जेहाद आघात, संत करें प्रतिकार: साध्वी प्रज्ञा भारती
साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा कि धर्मांतरण और लव जेहाद धर्म पर आघात हैं। उन्होंने कहा संतों एकजुट होकर इनका प्रतिकार करना चाहिए। प्रज्ञा भारती ने कहा कि संस्कारों के अभाव में हिंदू समाज आज के निरीह प्राणी के समान है। साध्वी ने कहा कि संत राष्ट्र, धर्म और समाज की रक्षा को अपना जीवन समर्पित करता है। कन्याओं को संस्कारित करने से पूर्व माताओं को संस्कृति और संस्कार की जानकारी देना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि संत आत्मीयता, सहयोग, संपर्क, प्रवास कार्यक्रमों से समाज में धर्म के प्रति विश्वास और अडिगता को जगा सकते हैं।
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महामंडलेश्वर स्वामी साध्वी मैत्रेय गिरी ने कहा कि सत्संग, कथा, जागरण के माध्यम से हमें समाज को अपने धर्मा के प्रति जागरूक करना चाहिए। गोष्ठी में विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, महामंडलेश्वर स्वामी साध्वी मैत्रेय, साध्वी विभानंद गिरी, साध्वी दिव्यचेतना, श्रीमहंत साध्वी, साध्वी गार्गी चेतन्या, साध्वी गंगानाथ, साध्वी राजेश्वरी, साध्वी राधिका, साध्वी शोभा, साध्वी प्रियाशरण, साध्वी शिरोमणि, साध्वी चंद्रकला, साध्वी कल्याणी, साध्वी जागृति चेतना, साध्वी ज्योतिर्मय, साध्वी साधना, साध्वी सत्यनिष्ठा, साध्वी निर्मला, विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी ताई, राष्ट्रीय संयोजिका दुर्गावाहिनी प्रज्ञा महाला, सरोज सोनी, विमला शुक्ला, रीना शर्मा, संध्या कौशिक, नीतू कपूर, नीलम त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।