गणतंत्र दिवस से पहले शहर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नंदलाल धींगड़ा का निधन हो गया। उन्हें कनखल के श्मशान के घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसलिए उनका योगदान चिरस्मरणीय रहेगा।
98 वर्षीय नंदलाल धींगड़ा ललतारौ पुल के पास गुरुद्वारा सिंह सभा के रूम नंबर चार में अपने बेटे राजेश धींगरा के साथ रह रहे थे। कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे नंदलाल धींगड़ा ने सुबह लगभग पौने नौ बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना एसडीएम पूरण सिंह राणा ने कनखल के श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कराया। उनके छोटे पुुत्र राजेश धींगड़ा ने उन्हें मुखाग्नि दी। नंद लाल धींगड़ा के तीन पुत्र, दो पुत्रियां हैं। एक पुत्र लोकेंद्र धींगड़ा का निधन हो चुका है। उनकी एक पुत्री शशि शर्मा पत्रकार हैं। अंतिम संस्कार करने के दौरान सीओ सिटी शेखर सुयाल, प्रेस क्लब के महासचिव राजकुमार, भारत भूषण, रघुवशी, रमेश, तरूण वेरी, मुकेश त्यागी, राजेश शर्मा, विकास कांबोज, जितेंद्र रघुवंशी, सुभाष घई आदि मौजूद रहे।