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गंगा तट पर नहीं पहुंचे राजहंस
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:23 AM IST
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हरिद्वार। हरिद्वार के पक्षी विहार में अभी तक भी प्रवासी राजहंस नहीं पहुंचे हैं। यही हाल भरतपुर के पक्षी विहार का है। जबकि पिछले वर्ष 10 दिसंबर तक इनका आगमन हो चुका था। पक्षीविदों को उम्मीद है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह तक राजहंस समेत सभी प्रवासी पक्षियों से गंगा तट गुलजार हो जाएंगे।
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शरद ऋतु में विश्व के कई भागों से प्रवासी पक्षी नीलधारा तटों पर आते हैं। करीब 20 प्रजातियों के पक्षियों का आगमन भीमगोड़ा बैराज, चीला, मिश्रपुर, बिशनपुर आदि के घाटों पर हो चुका है। लेकिन जिन राजहंसों की प्रतीक्षा पक्षी प्रेमी कर रहे हैं वह अब तक भी नहीं पहुंचे हैं। पक्षी विज्ञानी डॉ. दिनेश भट्ट के अनुसार सीरिया, ईराक आदि देशों में चल रहा युद्ध इसका कारण है। युद्ध की वजह से क्षेत्र में गर्मी बढ़ी है और इससे राजहंस सहित अन्य पक्षियों का रहनसहन गड़बड़ा गया है। डॉ. भट्ट ने बताया कि पिछले वर्ष पांच राजहंस गंगा तट पर आए थे। आमतौर से राजहंसों को आगमन 10 से 15 दिसंबर के बीच हो जाता है। पिछली बार 10 दिसंबर तक प्रवासी राजहंस पहुंच गए थे। इस बार जनवरी के प्रथम सप्ताह तक आने की उम्मीद की जा सकती है।
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उधर, भरतपुर पक्षी विहार में भी अब तक राजहंसों का आगमन नहीं हुआ है। भरतपुर में दिसंबर के प्रथम सप्ताह से राजहंस आने लगते हैं। भरतपुर के पक्षी विज्ञानी डॉ. हरि सिंह सिधार के अनुसार चीन के मानसरोवर, उजबेकिस्तान और रूस से यहां राजहंस पहुंचते हैं। पक्षियों की संख्या जनवरी से बढ़ सकती है।
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