फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Five thousand girls cycling needs

पांच हजार बालिकाओं को साइकिल की दरकार

Tue, 29 Dec 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 29 Dec 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
Five thousand girls cycling needs

हरिद्वार। सरकारी स्कूलों में नौवीं में पढ़ने वाली पांच हजार बालिकाओं को इस साल साइकिल नहीं मिल पाई। जिसके चलते बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना पस्त होती नजर आ रही है। परेशान प्रधानाचार्य, शिक्षा विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। प्रत्येक साइकिल के लिए 2850 रुपये मिलते हैं।

विज्ञापन


ऐसी बालिकाएं जो घर से स्कूल ज्यादा दूर होने के चलते आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती थी उनके लिए सरकार ने चार साल पहले बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। आठवीं पास करके जो बालिकाएं सरकारी स्कूलों की नौवीं कक्षा में प्रवेश लेती थी। उन्हें इस योजना के तहत एक साइकिल खरीदने के लिए पैसा दिया जाता था। फिर उस साइकिल की रसीद स्कूल में दिखानी होती थी। पहले यह योजना केवल एससी और एसटी छात्राओं के लिए शुरू की गई थी। लेकिन बाद में कक्षा नौ में अध्ययनरत सभी बालिकाओं के लिए साइकिल दी जाने लगी। सत्र के नौ माह समाप्त हो गए हैं। लेकिन अभी तक बालिकाओं की इसके लिए पैसा नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन


राजकीय इंटर कालेज लालढांग के प्रधानाचार्य महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में कुल 376 बच्चे पंजीकृत हैं। नौवीं कक्षा में 47 बालिकाएं पढ़ रही हैं। इनके अभिभावक बार-बार स्कूल में आकर साइकिल के पैसे की बाबत जानकारी लेते हैं। लेकिन विभाग की ओर से अभी तक पैसा नहीं दिया गया। कई बार वह भी पैसे की मांग करने के लिए विभाग के चक्कर काट चुके हैं। जिले के उच्चतर माध्यमिक, इंटर कालेज और जूनियर से उच्चीकृत स्कूलों की नौवीं कक्षाओं में पांच हजार से ज्यादा बालिकाएं पढ़ रही हैं। लेकिन अभी तक किसी को साइकिल के लिए पैसा नहीं मिला। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र सैनी के अनुसार सभी स्कूलों की ओर से नौवीं कक्षा की बालिकाओं की संख्या और पैसे की डिमांड पहले भेज दी थी। लेकिन आज तक किसी को पैसा नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनका कहना है
सभी स्कूलों की नौवीं में पढ़ने वाली बालिकाओं की संख्या के हिसाब से पैसे की डिमांड शासन को बहुत पहले भेज दी थी। अभी तक पैसा मुहैया नहीं हो सका। पैसे आने पर एक दिन की भी देरी नहीं की जाएगी। तुरंत स्कूलों को दे दिए जाएंगे।
-डा. पुष्पारानी वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed