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Haridwar News: धोखाधड़ी के मामले में दोषी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश
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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम शिखा भंडारी ने ज्वालापुर पुलिस को दिया आदेश
उधार की रकम नही देने व धोखाधड़ी करने के मामले में प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखा भंडारी ने ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता राजेश राठौर ने बताया कि होली गंगेज ज्वालापुर निवासी अभय सिंह वर्ष 2015 में बीएचईएल रानीपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी दौरान उनके परिचित नरेंद्र शर्मा व उसकी पत्नी पदमा शर्मा ने अपने पुत्र को हार्टबीम जिम खुलवाने की बात कहकर 80 लाख रुपये उधार मांगे थे। जिसपर पर अभय सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त धनराशि ,एलआइसी व एफडी तुड़वाकर दंपति को 80 लाख रुपये दे दिए थे। दंपति ने जरूरत होने पर शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था। वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता ने दंपति से अपनी उधार दी गई रकम वापिस मांगी तो दंपति ने शिकायतकर्ता को कई चेक हस्ताक्षर कर दिए।शिकायतकर्ता का आरोप है कि पांच चैक में हस्ताक्षर मिसमैच पाए गए।जिस वजह से बैंक ने धनराशि देने से मना कर दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दंपति ने उधार धनराशि नही लौटाने की नियत से बहानेबाजी शुरू कर दी थी। शिकायतकर्ता ने प्रेमनगर आश्रम ज्वालापुर निवासी नरेंद्र शर्मा व उसकी पत्नी पर धोखाधड़ी कर उसके पैसे हड़पने का आरोप भी लगाया है। और पुलिस में शिकायत पत्र देने पर कोई कार्यवाही नही हुई थी।
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उधार की रकम नही देने व धोखाधड़ी करने के मामले में प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखा भंडारी ने ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता राजेश राठौर ने बताया कि होली गंगेज ज्वालापुर निवासी अभय सिंह वर्ष 2015 में बीएचईएल रानीपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी दौरान उनके परिचित नरेंद्र शर्मा व उसकी पत्नी पदमा शर्मा ने अपने पुत्र को हार्टबीम जिम खुलवाने की बात कहकर 80 लाख रुपये उधार मांगे थे। जिसपर पर अभय सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त धनराशि ,एलआइसी व एफडी तुड़वाकर दंपति को 80 लाख रुपये दे दिए थे। दंपति ने जरूरत होने पर शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था। वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता ने दंपति से अपनी उधार दी गई रकम वापिस मांगी तो दंपति ने शिकायतकर्ता को कई चेक हस्ताक्षर कर दिए।शिकायतकर्ता का आरोप है कि पांच चैक में हस्ताक्षर मिसमैच पाए गए।जिस वजह से बैंक ने धनराशि देने से मना कर दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दंपति ने उधार धनराशि नही लौटाने की नियत से बहानेबाजी शुरू कर दी थी। शिकायतकर्ता ने प्रेमनगर आश्रम ज्वालापुर निवासी नरेंद्र शर्मा व उसकी पत्नी पर धोखाधड़ी कर उसके पैसे हड़पने का आरोप भी लगाया है। और पुलिस में शिकायत पत्र देने पर कोई कार्यवाही नही हुई थी।