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डिस्पोजेबल क्रॉकरी फैक्ट्री स्वाह
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 12 Dec 2016 10:47 PM IST
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सिडकुल में थर्माकोल के डिस्पोजेबल क्रॉकरी बनाने वाली सिद्धांत थर्मल वेयर प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री जलकर स्वाह हो गई। दमकल महकमें की तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। गनीमत रही कि आग की चपेट में कोई कर्मचारी नहीं आया।
सिडकुल फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। सिडकुल के अलावा मायापुर फायर स्टेशन से दो एवं एक दमकल वाहन सीआईएसएफ से बुलाया गया।
इधर, आग की सूचना से अफरातफरी का माहौल बनने पर एसओ सिडकुल ऋतुराज सिंह रावत भी पहुंच गए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था। एफएसओ ठाकुर सिंह भंडारी ने बताया कि आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सभी कर्मचारी तुरंत सुरक्षित स्थान पर आ गए थे। अग्निकांड में कई लाख का नुकसान होने का अनुमान है। जांच में ही आग लगने का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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भरभरा कर गिर गया टीनशेड
आग इतनी जबरदस्त थी कि फैक्ट्री का टीन शेड ही भरभरा कर गिर गया। आग की लपटे दूर तक आ रही थी। दमकल कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। आग की लपटों से बचकर वह जैसे-तैसे आग बुझाते रहे। आग लगने की सूचना पर आनन-फानन में शहर भर से एंबुलेंस 108 मौके पर बुला ली गई थी। लेकिन किसी के झुलसने या घायल न होने पर उनकी जरूरत नहीं पड़ी। आग से दूर- दूर तक धुआं ही धुआं नजर आ रहा था।
नहीं सफल हुआ प्रबंधन
फैक्ट्री प्रबंधन ने भी अपने स्तर से आग पर काबू पाना चाहा था। लेकिन सफल नहीं हो पाए। फैक्ट्री कैंपस में लगे हाईडैंट का इस्तेमाल करना चाहा था लेकिन तब तक आग भड़क गई। इसकी एक बड़ी वजह थर्माकोल होना है।
सिडकुल फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। सिडकुल के अलावा मायापुर फायर स्टेशन से दो एवं एक दमकल वाहन सीआईएसएफ से बुलाया गया।
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इधर, आग की सूचना से अफरातफरी का माहौल बनने पर एसओ सिडकुल ऋतुराज सिंह रावत भी पहुंच गए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था। एफएसओ ठाकुर सिंह भंडारी ने बताया कि आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सभी कर्मचारी तुरंत सुरक्षित स्थान पर आ गए थे। अग्निकांड में कई लाख का नुकसान होने का अनुमान है। जांच में ही आग लगने का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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भरभरा कर गिर गया टीनशेड
आग इतनी जबरदस्त थी कि फैक्ट्री का टीन शेड ही भरभरा कर गिर गया। आग की लपटे दूर तक आ रही थी। दमकल कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। आग की लपटों से बचकर वह जैसे-तैसे आग बुझाते रहे। आग लगने की सूचना पर आनन-फानन में शहर भर से एंबुलेंस 108 मौके पर बुला ली गई थी। लेकिन किसी के झुलसने या घायल न होने पर उनकी जरूरत नहीं पड़ी। आग से दूर- दूर तक धुआं ही धुआं नजर आ रहा था।
नहीं सफल हुआ प्रबंधन
फैक्ट्री प्रबंधन ने भी अपने स्तर से आग पर काबू पाना चाहा था। लेकिन सफल नहीं हो पाए। फैक्ट्री कैंपस में लगे हाईडैंट का इस्तेमाल करना चाहा था लेकिन तब तक आग भड़क गई। इसकी एक बड़ी वजह थर्माकोल होना है।