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चेला ढेर, गुरु की कमर टूटी
ब्यूरो,अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Fri, 05 Jun 2015 10:22 PM IST
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बागपत में दून पुलिस की कस्टडी से उडन छूं होकर देश भर में सुर्खियों में आए दस लाख के इनामी रहे कुख्यात अमित मलिक उर्फ भूरा की पाठशाला में ही राहुल खट्टा ने अपराध का ककहरा सीखा था। वेस्ट यूपी के अपराध जगत के बड़े नाम में शुमार राहुल खट्टा के अंत के बाद कुख्यात भूरा की जमीन भी वेस्ट यूपी में खिसक गई है।
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हालांकि भूरा को कस्टडी से रिहा कराने में राहुल की भूमिका नहीं थी पर वो भूरा का बेहद ही करीबी था। वेस्ट यूपी में राहुल खट्टा गैंग का जबरदस्त आतंक था। बागपत जिले से ताल्लुक रखने वाले राहुल खट्टा की कुख्यात अमित सरनावली से बेहद करीबी थी। वो वेस्ट यूपी में उसके छिपने के लिए ठिकाने ढूंढता था और आर्थिक मदद भी करता था।
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पुलिस महकमे की माने तो भूरा ने ही राहुल खट्टा को अपराध की एबीसीडी सिखाई थी। वो भूरा को अपना गुरु मानता था। वेस्ट यूपी में कुख्यात भूरा के विश्वासपात्र में से एक खट्टा भी था। लेकिन खट्टा के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भूरा की जमीन वेस्ट यूपी से खिसक गई है। उसे खट्टा की मौत से झटना लगना तय है।
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हालांकि भूरा को कस्टडी से छुड़ाने में दिल्ली के कुख्यात नीरज बवाना ने मुख्य भूमिका अदा की थी। भले ही उत्तराखंड में राहुल का दखल नहीं था लेकिन भूरा का चेला होने के कारण यहां का पुलिस जगत उससे खासा परिचित था। पिछले दिनों खट्टा के हरिद्वार रुड़की में भी होने की बात सामने आई थी।
शुक्रवार को पड़ोसी जिले सहारनपुर में राहुल खट्टा की आखिरी पटकथा लिखे जाने की चर्चा दिन भर हरिद्वार पुलिस में भी होती रही। कुछ पुलिसकर्मी सहारनपुर पुलिस से अपडेट लेते रहे।