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गैंगेस्टर अपराधी को दस वर्ष की सजा सुनाई
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ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
गिरोह बनाकर लूट और डकैती डालकर लोगों में भय पैदा करने के मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संगीता रानी ने बताया कि जारी गैंग चार्ट पर नियाज पुत्र अब्दुल निवासी मोहल्ला सैनीपुरा थाना मंगलौर हुआ। ताहिर पुत्र हबीब निवासी मोहल्ला महमूद नगर थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर मुस्तकीम पुत्र शब्बीर निवासी लिब्बरहेड़ी कोतवाली मंगलौर आदि के खिलाफ जारी गैंग चार्ट पर वादी तत्कालीन बीएस चौहान ने 25 जुलाई 2007 को थाना कोतवाली मंगलौर में दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी स्थानीय स्तर पर संगठित गिरोह बनाकर डकैती, लूट, अवैध धन इकट्ठा करने की वारदात को अंजाम देते हैं। आरोपियों के आतंक से लोग इनके खिलाफ गवाही देने से भी डरते हैं। आरोपियों नियाज, ताहिर और मुस्तकीम आदि के खिलाफ पर कई आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किए गए गवाहों को सुनने और तमाम साक्ष्यों को देखने के बाद विशेष न्यायाधीश वरुण कुमार ने नियाज को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विचारण के दौरान ही लगातार अनुपस्थिति के कारण ताहिर की पत्रावली अलग हो गई थी और मुस्तकीम की मृत्यु होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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गिरोह बनाकर लूट और डकैती डालकर लोगों में भय पैदा करने के मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संगीता रानी ने बताया कि जारी गैंग चार्ट पर नियाज पुत्र अब्दुल निवासी मोहल्ला सैनीपुरा थाना मंगलौर हुआ। ताहिर पुत्र हबीब निवासी मोहल्ला महमूद नगर थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर मुस्तकीम पुत्र शब्बीर निवासी लिब्बरहेड़ी कोतवाली मंगलौर आदि के खिलाफ जारी गैंग चार्ट पर वादी तत्कालीन बीएस चौहान ने 25 जुलाई 2007 को थाना कोतवाली मंगलौर में दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी स्थानीय स्तर पर संगठित गिरोह बनाकर डकैती, लूट, अवैध धन इकट्ठा करने की वारदात को अंजाम देते हैं। आरोपियों के आतंक से लोग इनके खिलाफ गवाही देने से भी डरते हैं। आरोपियों नियाज, ताहिर और मुस्तकीम आदि के खिलाफ पर कई आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह पेश किए गए गवाहों को सुनने और तमाम साक्ष्यों को देखने के बाद विशेष न्यायाधीश वरुण कुमार ने नियाज को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विचारण के दौरान ही लगातार अनुपस्थिति के कारण ताहिर की पत्रावली अलग हो गई थी और मुस्तकीम की मृत्यु होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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