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उपभोक्ता फोरम ने लगाया बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:55 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने बीमा अवधि के दौरान दुर्घटनाग्रस्त कार की बीमा धनराशि न देने के मामले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को चार लाख 32 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। फोरम ने पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को बतौर क्षतिपूर्ति व मुकदमा खर्च के रूप में भी देने के आदेश बीमा कंपनी को दिए हैं।
बीएचईएल रानीपुर निवासी संदीप गर्ग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोविंदपुरी रानीपुर मोड़ के खिलाफ जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसने अपनी गाड़ी टाटा इंडिगो का बीमा नेशनल इंश्योरेंस बीमा कंपनी से 11 अप्रैल 2014 से 10 अप्रैल 2015 तक कराया था। गाड़ी 12 अक्तूबर 2014 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसको ठीक कराने में 51,216 रुपए का खर्च आया था। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को भुगतान के लिए कागजात दे दिए थे, लेकिन क्लेम मिलने से पहले ही शिकायतकर्ता की गाड़ी दोबारा पांच दिसंबर 2014 को बरेली में दुर्घटना हो गई। इस पर शिकायतकर्ता ने गाड़ी का सर्वे कराया और गाड़ी क्रेन से रुड़की स्थित सर्विस सेंटर पर भिजवा दी थी। जहां गाड़ी ठीक करने में चार लाख 32 हजार रुपये का खर्च आया। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध पर भी बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। परेशान होकर उन्होंने फोरम में शिकायत की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम अध्यक्ष कंवरसेन तथा सदस्य अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने बीमा कंपनी को आदेश की तिथि से एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को क्लेम की धनराशि चार लाख 32 हजार रुपये वार्षिक ब्याज की दर से अदा करने के आदेश दिए। साथ ही 5 हजार रुपये वाद खर्च व क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं। फोरम अध्यक्ष कंवरसेन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने पहली बार क्षतिग्रस्त हुई कार में आए 51,216 रुपए के लिए उन्होंने कोई क्लेम नहीं किया था। इसलिए बीमा कंपनी को दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुई कार पर आए खर्च का ही भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।
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जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने बीमा अवधि के दौरान दुर्घटनाग्रस्त कार की बीमा धनराशि न देने के मामले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को चार लाख 32 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। फोरम ने पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को बतौर क्षतिपूर्ति व मुकदमा खर्च के रूप में भी देने के आदेश बीमा कंपनी को दिए हैं।
बीएचईएल रानीपुर निवासी संदीप गर्ग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोविंदपुरी रानीपुर मोड़ के खिलाफ जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसने अपनी गाड़ी टाटा इंडिगो का बीमा नेशनल इंश्योरेंस बीमा कंपनी से 11 अप्रैल 2014 से 10 अप्रैल 2015 तक कराया था। गाड़ी 12 अक्तूबर 2014 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसको ठीक कराने में 51,216 रुपए का खर्च आया था। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को भुगतान के लिए कागजात दे दिए थे, लेकिन क्लेम मिलने से पहले ही शिकायतकर्ता की गाड़ी दोबारा पांच दिसंबर 2014 को बरेली में दुर्घटना हो गई। इस पर शिकायतकर्ता ने गाड़ी का सर्वे कराया और गाड़ी क्रेन से रुड़की स्थित सर्विस सेंटर पर भिजवा दी थी। जहां गाड़ी ठीक करने में चार लाख 32 हजार रुपये का खर्च आया। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध पर भी बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। परेशान होकर उन्होंने फोरम में शिकायत की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम अध्यक्ष कंवरसेन तथा सदस्य अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने बीमा कंपनी को आदेश की तिथि से एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को क्लेम की धनराशि चार लाख 32 हजार रुपये वार्षिक ब्याज की दर से अदा करने के आदेश दिए। साथ ही 5 हजार रुपये वाद खर्च व क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं। फोरम अध्यक्ष कंवरसेन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने पहली बार क्षतिग्रस्त हुई कार में आए 51,216 रुपए के लिए उन्होंने कोई क्लेम नहीं किया था। इसलिए बीमा कंपनी को दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुई कार पर आए खर्च का ही भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।
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