फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   बिना डाइटीशियन लड़ रहे ‘कुपोषण’ से जंग

बिना डाइटीशियन लड़ रहे ‘कुपोषण’ से जंग

Sun, 12 May 2013 05:30 AM IST
Haridwar
Haridwar Updated Sun, 12 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
हरिद्वार। हरिद्वार में कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र शुरू तो कर दिया गया लेकिन यहां बिना डाइटीशियन के ही कुपोषण से जंग लड़ी जा रही है। वैसे तो केंद्र के लिए एक महिला डाइटीशियन तैनात थी, लेकिन वह इसका संचालन शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही अपना पद छोड़कर चली गई। ऐसे में केंद्र में भर्ती बच्चों का डाइट चार्ट तैयार करने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन

मेला अस्पताल के समीप खुले पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ने काम करना शुरू कर दिया है। इसका प्रभार मेला अस्पताल के अधीक्षक तथा वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. संदीप निगम को दिया गया है। वैसे तो पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन शुरू तो हो गया है, लेकिन केंद्र पर डाइटीशियन की बहुत कमी खल रही है। दरअसल, इस केंद्र पर कुपोषित बच्चों का इलाज किया जा रहा है, जिन्हें मुख्य रुप से जरूरी डाइट दी जा रही है। डाइटीशियन ही बच्चे के वजन और उसकी जरूरत के हिसाब से डाइट चार्ट तैयार करती है। यानी डाक्टर के बाद केंद्र मं डाइटीशियन की मुख्य भूमिका है। डाइटीशियन नहीं होने से बच्चों का डाइट चार्ट तैयार करने में दिक्कत आ रही है। पोषण पुनर्वास केंद्र में सभी जरूरी स्टाफ संविदा के तहत रखा है। इसमें एक डाइटीशियन समेत चार स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय, एक सफाई कर्मी तथा एक कुक संविदा पर रखे गए थे। केंद्र शुरू होने के कुछ दिन सबकुछ ठीक-ठाक चला लेकिन कुछ दिन बाद डाइटीशियन अपना पद छोड़कर चली गई। अब नई डाइटीशियन की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की गई है। केंद्र प्रभारी डा. संदीप निगम का कहना है कि जल्द डाइटीशियन की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

इनसेट
10 हजार में डाइटीशियन मिलना मुश्किल
हरिद्वार। संविदा पर रखे जा रहे डाइटीशियन को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। दरअसल, निजी अस्पतालों में डाइटीशियन को इससे अच्छा मानदेय मिल जाता है। एक-एक डाइटीशियन कई-कई अस्पतालों में सेवाएं देती हैं। यही नहीं कई तो अपने खुद के डाइटीशियन सेंटर चला रहे हैं। केंद्र में तैनात डाइटीशियन के छोड़ने का यही कारण माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed