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तोपों का रुख मोड़ दो, पुलवामा का मुंहतोड़ जवाब दो
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। सुमेरु साहित्यिक काव्य मंच की ओर से रविवार को शिवलोक कॉलोनी में काव्य संध्या में पुलवामा के शहीदों को काव्यांजलि अर्पित की गई। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कवियों ने अपनी कविता के माध्यम से पाकिस्तान और आतंकवाद पर जमकर प्रहार किया।
सुमेरु साहित्यिक काव्य मंच के संस्थापक आचार्य राधेश्याम सेमवाल ने कहा कि ‘देश आज अप्रतिम शौर्य में जागा है, आतंकी सर्गना दुम दबा के भागा है’। सकलैन ने कहा कि ‘जो लोगों पे कयामत ढा रहे हैं, जो दोजख की सजाएं पा रहे हैं, उन्हें इस्लाम की मतलब बता दो, जिहादी खुद को बतला रहे हैं’। डॉ. श्याम बनौघा तालिब ने ‘पाक ने पुलवामा में अपनी बर्बरता का नाच दिखाया’ सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. मीरा भारद्वाज ने कहा कि ‘गगन भेदी रॉकेट से लिख दी अंबर पर अमिट कहानी, जब तक सूरज चांद रहेगा, याद रहेगी कुर्बानी’ सुनाकर दर्शकदीर्घा में बैठे लोगों की तालियां बटोरी। एमसी काला ने कहा कि ‘तूफान उठेगा जो वह प्रलयंकर होगा, बोलो पाक हश्र तुम्हारा क्या होगा,। धनेश्वरी द्विवेदी सुनाया ‘बहुत हुआ तोपों का रुख मोड़ दो, पुलवामा हमले का जवाब मुंह तोड़ दो’ सुनाया तो पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान प्रफुल्ल ध्यानी, सीमा सदफ, तुषार कांत पांडेय, केएल दीवान, इमरान, पूनम रजा, सुशील, अमित त्यागी, सुखपाल सिंह आदि कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से पाकिस्तान की आलोचना की और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुषा कांत पांडेय ने की।
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सुमेरु साहित्यिक काव्य मंच के संस्थापक आचार्य राधेश्याम सेमवाल ने कहा कि ‘देश आज अप्रतिम शौर्य में जागा है, आतंकी सर्गना दुम दबा के भागा है’। सकलैन ने कहा कि ‘जो लोगों पे कयामत ढा रहे हैं, जो दोजख की सजाएं पा रहे हैं, उन्हें इस्लाम की मतलब बता दो, जिहादी खुद को बतला रहे हैं’। डॉ. श्याम बनौघा तालिब ने ‘पाक ने पुलवामा में अपनी बर्बरता का नाच दिखाया’ सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. मीरा भारद्वाज ने कहा कि ‘गगन भेदी रॉकेट से लिख दी अंबर पर अमिट कहानी, जब तक सूरज चांद रहेगा, याद रहेगी कुर्बानी’ सुनाकर दर्शकदीर्घा में बैठे लोगों की तालियां बटोरी। एमसी काला ने कहा कि ‘तूफान उठेगा जो वह प्रलयंकर होगा, बोलो पाक हश्र तुम्हारा क्या होगा,। धनेश्वरी द्विवेदी सुनाया ‘बहुत हुआ तोपों का रुख मोड़ दो, पुलवामा हमले का जवाब मुंह तोड़ दो’ सुनाया तो पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान प्रफुल्ल ध्यानी, सीमा सदफ, तुषार कांत पांडेय, केएल दीवान, इमरान, पूनम रजा, सुशील, अमित त्यागी, सुखपाल सिंह आदि कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से पाकिस्तान की आलोचना की और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुषा कांत पांडेय ने की।
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