सुरेंद्र कोली: मौत की खबर पर परिजन रहे बेपरवाह, फिर पुलिस के सामने दस्तावेजों से खुला निठारी कांड का राज
चर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की खुदकुशी की खबर पर परिजनों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस बात पर हैरान पुलिस ने जब सुरेंद्र कोली की डिटेल निकालनी शुरू की तो सारी कहानी सामने आई।
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निठारी कांड में सह आरोपी रहा सुरेंद्र कोली रिहाई के बाद अलग-अलग जगहों पर छोटे-मोटे काम कर अपना गुजर-बसर कर रहा था। हरिद्वार में भी वह चाय का खोखा और खाने की ठेली चलाकर जिंदगी काट रहा था, लेकिन मौत के बाद उसकी पहचान और परिवार तक पहुंचने की कहानी सामने आई।
53 वर्षीय सुरेंद्र कोली हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में रहकर खाने की ठेली लगाता था। करीब तीन दिन पहले वह भूपतवाला आया था और यहां किराये पर चाय का खोखा लिया था। इससे पहले वह देहरादून में भी रह चुका था, लेकिन बाद में वापस हरिद्वार आ गया।
दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के आधार पर किया जांच
मौत के बाद पुलिस को उसके पास से आधार कार्ड समेत कुछ अन्य दस्तावेज मिले। इन दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। अल्मोड़ा में रह रहे उसके परिजनों को फोन कर सुरेंद्र कोली की खुदखुशी की खबर दी गई, लेकिन परिजनों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई और न ही उसके बारे में जानकारी लेने में रुचि दिखाई।
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इसके बाद पुलिस ने सुरेंद्र कोली के नाम और उसके दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के आधार पर उसके बारे में सर्च किया। इसी दौरान उसके पुराने रिकॉर्ड सामने आए और पता चला कि वह चर्चित निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली था। चाय का खोखा लगाने के तीन दिन बाद ही उसने आत्महत्या कर ली।