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संस्कृत और हिंदी के विकास में आचार्य बच्चूलाल अवस्थी का अतुल्य योगदान
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में वीणापणि संस्कृत समिति भोपाल की ओर से राष्ट्रीय परिसंवाद और संस्कृत-हिंदी कवि सम्मेलन हआ। प्रथम सत्र में आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय राष्ट्रीय परिसंवाद संगोष्ठी हुई। इसमें पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी ने कई ग्रंथों की रचना की। संस्कृत भाषा पर उनका असाधारण अधिकार था। कहा कि संस्कृत और हिंदी में आचार्य बच्चूूलाल अवस्थी का अतुल्य योगदान रहा है।
मुख्य अतिथि गुरुकुल कांगड़ी विवि के पूर्व आचार्य एवं उपकुलपति प्रो. वेद प्रकाश शास्त्री ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी ने आधुनिक हिंदी और संस्कृत साहित्य को एक नई दिशा प्रदान की। विशिष्ट अतिथि डॉ. विजयपाल शास्त्री ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के पांडित्य एवं कवित्व से संपूूर्ण संस्कृत और हिंदी जगत प्रभावित है। भगवान संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भोला झा ने आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. धर्मेंद कुमार सिंहदेव, कार्यक्रम संयोजक डॉ. ब्रजेंद्र कुमार सिंहदेव ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ. रामविनय सिंह, शिव मोहन सिंह, डॉ. शैलेश कुमार तिवारी, डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी, डॉ. सुशील कुमार त्यागी, डॉ. निरंजन मिश्र, डॉ. कृपाशंकर शर्मा आदि ने काव्यपाठ किया। इस अवसर पर नवीन प्रसाद कांडपाल, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संयोगिता, डॉ. आशिमा, ज्योति, पंकज कुमार उप्रेती, विश्वेश्वर बिजल्वाण, देवेश, नीरज उनियाल, सोमेशचंद्र बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में वीणापणि संस्कृत समिति भोपाल की ओर से राष्ट्रीय परिसंवाद और संस्कृत-हिंदी कवि सम्मेलन हआ। प्रथम सत्र में आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय राष्ट्रीय परिसंवाद संगोष्ठी हुई। इसमें पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी ने कई ग्रंथों की रचना की। संस्कृत भाषा पर उनका असाधारण अधिकार था। कहा कि संस्कृत और हिंदी में आचार्य बच्चूूलाल अवस्थी का अतुल्य योगदान रहा है।
मुख्य अतिथि गुरुकुल कांगड़ी विवि के पूर्व आचार्य एवं उपकुलपति प्रो. वेद प्रकाश शास्त्री ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी ने आधुनिक हिंदी और संस्कृत साहित्य को एक नई दिशा प्रदान की। विशिष्ट अतिथि डॉ. विजयपाल शास्त्री ने कहा कि आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के पांडित्य एवं कवित्व से संपूूर्ण संस्कृत और हिंदी जगत प्रभावित है। भगवान संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भोला झा ने आचार्य बच्चूलाल अवस्थी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. धर्मेंद कुमार सिंहदेव, कार्यक्रम संयोजक डॉ. ब्रजेंद्र कुमार सिंहदेव ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में डॉ. रामविनय सिंह, शिव मोहन सिंह, डॉ. शैलेश कुमार तिवारी, डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी, डॉ. सुशील कुमार त्यागी, डॉ. निरंजन मिश्र, डॉ. कृपाशंकर शर्मा आदि ने काव्यपाठ किया। इस अवसर पर नवीन प्रसाद कांडपाल, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संयोगिता, डॉ. आशिमा, ज्योति, पंकज कुमार उप्रेती, विश्वेश्वर बिजल्वाण, देवेश, नीरज उनियाल, सोमेशचंद्र बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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