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Haridwar News: चिन्मय अमृत यात्रा का हुआ भव्य स्वागत
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सरल स्वभाव के व्यक्तित्व थे स्वामी चिन्मयानंद : तारिणी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष पर देशभर में चल रही चिन्मय अमृत यात्रा चिन्मय डिग्री कॉलेज परिसर में पहुंची। यात्रा का मुख्य द्वार पर मंत्रोच्चार के साथ भव्य स्वागत किया गया।
अमृत यात्रा में स्वामी चिन्मयानंद की चरण पादुकाओं के साथ-साथ दैनिक जीवन में उनकी ओर से उपयोग की जाने वाली सभी वस्तुओं को विशेष धरोहर के रूप में संगृहीत कर शामिल किया गया है। चिन्मय अमृत यात्रा में ब्रह्मचारी, स्वामिनी और चिन्मय युवा केंद्र की टीम मौजूद रही। दीप प्रज्वलन और चरण पादुकाओं के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
स्वामिनी तारिणी ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का उद्देश्य चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की आध्यात्मिक और ज्ञान की परंपरा को जन-जन तक पहुंचाकर युवा पीढ़ी की जागृत करना है।
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उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद एक सरल स्वभाव के व्यक्तित्व थे। उन्होंने देश में स्कूल और कॉलेज की स्थापना की। जिनमें चिन्मय डिग्री कॉलेज भी एक है। महाविद्यालय के सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि हमारी भारत भूमि धन्य है। हमारा सौभाग्य भी है कि हमारे महाविद्यालय चिन्मय डिग्री कॉलेज की नींव का पहला पत्थर भी स्वामी चिन्मयानंद ने रखा था। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल, मधु शर्मा, शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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सरल स्वभाव के व्यक्तित्व थे स्वामी चिन्मयानंद : तारिणी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष पर देशभर में चल रही चिन्मय अमृत यात्रा चिन्मय डिग्री कॉलेज परिसर में पहुंची। यात्रा का मुख्य द्वार पर मंत्रोच्चार के साथ भव्य स्वागत किया गया।
अमृत यात्रा में स्वामी चिन्मयानंद की चरण पादुकाओं के साथ-साथ दैनिक जीवन में उनकी ओर से उपयोग की जाने वाली सभी वस्तुओं को विशेष धरोहर के रूप में संगृहीत कर शामिल किया गया है। चिन्मय अमृत यात्रा में ब्रह्मचारी, स्वामिनी और चिन्मय युवा केंद्र की टीम मौजूद रही। दीप प्रज्वलन और चरण पादुकाओं के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
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स्वामिनी तारिणी ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का उद्देश्य चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की आध्यात्मिक और ज्ञान की परंपरा को जन-जन तक पहुंचाकर युवा पीढ़ी की जागृत करना है।
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उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद एक सरल स्वभाव के व्यक्तित्व थे। उन्होंने देश में स्कूल और कॉलेज की स्थापना की। जिनमें चिन्मय डिग्री कॉलेज भी एक है। महाविद्यालय के सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि हमारी भारत भूमि धन्य है। हमारा सौभाग्य भी है कि हमारे महाविद्यालय चिन्मय डिग्री कॉलेज की नींव का पहला पत्थर भी स्वामी चिन्मयानंद ने रखा था। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल, मधु शर्मा, शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।