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तहसील में बैनामा लेखक अधिवक्ताओं ने रखी हड़ताल, नहीं हुआ काम
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर हरिद्वार तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन ने भी हड़ताल रखी। इससे तहसील में रजिस्ट्री, वसीयत, शपथ पत्र आदि बनाने का कोई काम नहीं हो सका। अधिवक्ताओं ने काम बंद रखकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को 20 लाख रुपये का बीमा कवरेज देने, देश विदेश में निशुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने, नए वकीलों को 5 साल तक दस हजार रुपये फंड दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने अपने चैंबर बंद रखकर हड़ताल की। तहसील में चैंबरों के सामने प्रदर्शन करते हुए तहसील बार संघ के अध्यक्ष आदेश कुमार जैन ने कहा कि अधिवक्ता लंबे समय से मांगें उठाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई ध्यान नहीं रखा है। संरक्षक पहल सिंह वर्मा और संदीप धीमान ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांगे जायज हैं। जिम्मेदार काम करने के बावजूद उनकी उपेक्षा करना केंद्र सरकार को भारी पड़ेगा। इस मौके पर मुनीष भटनागर, रमेश बंसल, महीपाल, वकील चंद जैन, प्रेम सिंह सैनी, विशाल ठाकुर, राजेश वर्मा, सुरेश बंसल, मयंक जैन, नवीन बंसल, सुभाष चौधरी, वैभव कुमार, मुकेश गुप्ता, सतीश त्यागी, राजीव त्यागी आदि शामिल हुए।
तहसील में बैनामे न होने से लोग परेशान
तहसील परिसर में स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामे न होने से लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। हड़ताल के चलते शपथ पत्र न बनने से प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाए, ऐसे में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सहायक रजिस्ट्रार सुमेर चंद्र गौतम ने बताया कि हड़ताल से रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामे का काम न होने से करीब 50 से 60 बैनामा और वसीयत नहीं हो सकी।
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर हरिद्वार तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन ने भी हड़ताल रखी। इससे तहसील में रजिस्ट्री, वसीयत, शपथ पत्र आदि बनाने का कोई काम नहीं हो सका। अधिवक्ताओं ने काम बंद रखकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को 20 लाख रुपये का बीमा कवरेज देने, देश विदेश में निशुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने, नए वकीलों को 5 साल तक दस हजार रुपये फंड दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने अपने चैंबर बंद रखकर हड़ताल की। तहसील में चैंबरों के सामने प्रदर्शन करते हुए तहसील बार संघ के अध्यक्ष आदेश कुमार जैन ने कहा कि अधिवक्ता लंबे समय से मांगें उठाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई ध्यान नहीं रखा है। संरक्षक पहल सिंह वर्मा और संदीप धीमान ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांगे जायज हैं। जिम्मेदार काम करने के बावजूद उनकी उपेक्षा करना केंद्र सरकार को भारी पड़ेगा। इस मौके पर मुनीष भटनागर, रमेश बंसल, महीपाल, वकील चंद जैन, प्रेम सिंह सैनी, विशाल ठाकुर, राजेश वर्मा, सुरेश बंसल, मयंक जैन, नवीन बंसल, सुभाष चौधरी, वैभव कुमार, मुकेश गुप्ता, सतीश त्यागी, राजीव त्यागी आदि शामिल हुए।
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तहसील में बैनामे न होने से लोग परेशान
तहसील परिसर में स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामे न होने से लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। हड़ताल के चलते शपथ पत्र न बनने से प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाए, ऐसे में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सहायक रजिस्ट्रार सुमेर चंद्र गौतम ने बताया कि हड़ताल से रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामे का काम न होने से करीब 50 से 60 बैनामा और वसीयत नहीं हो सकी।
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