फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   पंडित जी भी अब वेतन पर कर रहे धार्मिक कर्मकांड

पंडित जी भी अब वेतन पर कर रहे धार्मिक कर्मकांड

Mon, 04 Feb 2019 11:35 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:35 PM IST
विज्ञापन
पंडित जी भी अब वेतन पर कर रहे धार्मिक कर्मकांड
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

धर्मनगरी में ‘पंडित जी’ भी अब ‘तनख्वाह’ पर घरों और प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर धार्मिक कर्मकांड कर रहे हैं। भले ही ये बात सुनने में अजीब हो, लेकिन धर्मनगरी में ये ट्रेंड जोर पकड़ता जा रहा है। पंडित जी मासिक शुल्क तय करके अपने यजमान से बुलावे पर महीने में एक या यजमान की आवश्यकता के अनुसार हर दिन जाकर पूजा-पाठ करेंगे। मासिक शुल्क यजमान की आर्थिक स्थिति देखकर तय होता है। ये नया ट्रेंड यजमान भी हाथों-हाथ ले रहे हैं।
अध्यात्मिक नगरी हरिद्वार में पूजा अर्चना का भी नई परंपरा सामने आ रही है। अभी तक आमजन घर से लेकर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में खुद ही पूजा अर्चना करते थे। कई बार बड़ी पूजा करानी होती है या घर-प्रतिष्ठानों में प्रवेश व अन्य कर्मकांड के दौरान पंडित जी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अक्सर पंडित जी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाते। वहीं लोगों के पास समय का अभाव भी होता जा रहा है। ऐसे में पूजा-पाठ कराने की नई परंपरा सामने आ रही है। अब यजमान घरों और प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना के लिए पंडित जी को वेतन पर रखने लगे हैं। पंडित जी अपने यजमान के यहां पर उनकी जरूरत के हिसाब से महीने में चार-छह बार स्वयं पूजा करेंगे। यजमान चाहे तो नित्य होने वाली पूजा भी पंडित जी स्वयं उनके घर-प्रतिष्ठानों पर जाकर करेंगे। पंडित जी इस काम के वेतन के रूप में प्रतिमाह 1100 रुपये और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में 2100 रुपये लेंगे। हालांकि वेतन की रकम यजमान की आर्थिक स्थिति पर भी निर्भर करती है।
विज्ञापन

पंडित जी ऐसे करेंगे पूजा
हरिद्वार। पंडित जी घर या व्यवसायिक प्रतिष्ठान में प्रतिदिन या साप्ताहिक धूप-बत्ती करते हैं। इसके अलावा गणेश वंदना से लेकर भगवती या शंकर भगवान की आरती करते हैं। संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण भी किया जाता है। बकायदा शंखनाद भी पंडित जी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

हरिद्वार में विस्तृत बाजार
हरिद्वार। अध्यात्मिक नगरी हरिद्वार में पूजा अर्चना से जुड़ी चीजों का विस्तृत बाजार है। शंख, पूजन सामग्री से लेकर दीप, थाल, ईष्टों के वस्त, मूर्तियां धातु और पत्थर, पूजा पात्र अलग अलग वैरायटी में उपलब्ध है।

यह परंपरा पुरानी है, लेकिन तब चंद पंडित ही घर में इस तरह जाकर पूजा करते थे। मौजूदा दौर में हर किसी के पास समय कम है लिहाजा अब पंडितों की मांग अधिक है। ऐसे में तनख्वाह पर पूजा अर्चना करने का कार्य किया जा रहा है।
-उज्जवल पंडित, अध्यक्ष, अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed