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हाईवे पर गड्ढे नहीं भरने पर डीएम ने लगाई फटकार
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
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हरिद्वार।
निर्देशों के बाद भी हाईवे के गड्ढे नहीं भरने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने एनएचएआई के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने एसपी मंजूनाथ टीसी को निर्देश दिए कि यदि एनएच पर कोई दुर्घटना गड्ढों के कारण होती है तो एनएचएआई के समन्वय अधिकारी अतुल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता एनएच शेलेंद्र मिश्रा के बैठक में अनुपस्थित रहने पर अगले आदेशों तक उनका वेतन रोकने के भी निर्देश दिए साथ ही मुख्य सचिव को उनका पत्र भेजकर मिश्रा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई की संस्तुति की। जिलाधिकारी बुधवार को रोशनाबाद स्थित सभागार में सड़क सुरक्षा के संबंध में आयोजित बैठक ले रहे थे। जिलाधिकारी ने जनता से अपील की कि हिट एंड रन केस और ऐसे सड़क दुर्घटना केस जिनमें अपराधी दुर्घटना स्थल से भाग जाते हैं में मरने वालों और घायलों के परिजन तोषण निधि योजना के फार्म भरकर मुआवजा के दावों प्रस्तुत कर लें। इस योजना के अंतर्गत मृतकों के परिजनों और 25 घायलों को साढ़े बारह हजार रुपये का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
सड़क सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिले में सड़कों पर जितने भी अवैध यूनीपोल लगे हैं, उन्हें 15 दिन के भीतर हटा दें। जिलाधिकारी ने मोबाइल पर बात करते हुए नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध सख्ती बरतने के निर्देश एआरटीओ को निर्देश दिए। बैठक में एडीएम भगवत किशोर मिश्रा, रुड़की के नगर आयुक्त अशोक कुमार, एआरटीओ शैलेश तिवारी, सुरेंद्र कुमार, मनीष तिवारी और एनके ओझा, एनएचएआई से टीम लीडर एसके चावला, लाईजिंग आफिसर अतुल शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा, एसीएमओ अशोक कुमार आदि मौजूद।
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निर्देशों के बाद भी हाईवे के गड्ढे नहीं भरने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने एनएचएआई के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने एसपी मंजूनाथ टीसी को निर्देश दिए कि यदि एनएच पर कोई दुर्घटना गड्ढों के कारण होती है तो एनएचएआई के समन्वय अधिकारी अतुल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता एनएच शेलेंद्र मिश्रा के बैठक में अनुपस्थित रहने पर अगले आदेशों तक उनका वेतन रोकने के भी निर्देश दिए साथ ही मुख्य सचिव को उनका पत्र भेजकर मिश्रा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई की संस्तुति की। जिलाधिकारी बुधवार को रोशनाबाद स्थित सभागार में सड़क सुरक्षा के संबंध में आयोजित बैठक ले रहे थे। जिलाधिकारी ने जनता से अपील की कि हिट एंड रन केस और ऐसे सड़क दुर्घटना केस जिनमें अपराधी दुर्घटना स्थल से भाग जाते हैं में मरने वालों और घायलों के परिजन तोषण निधि योजना के फार्म भरकर मुआवजा के दावों प्रस्तुत कर लें। इस योजना के अंतर्गत मृतकों के परिजनों और 25 घायलों को साढ़े बारह हजार रुपये का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
सड़क सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिले में सड़कों पर जितने भी अवैध यूनीपोल लगे हैं, उन्हें 15 दिन के भीतर हटा दें। जिलाधिकारी ने मोबाइल पर बात करते हुए नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध सख्ती बरतने के निर्देश एआरटीओ को निर्देश दिए। बैठक में एडीएम भगवत किशोर मिश्रा, रुड़की के नगर आयुक्त अशोक कुमार, एआरटीओ शैलेश तिवारी, सुरेंद्र कुमार, मनीष तिवारी और एनके ओझा, एनएचएआई से टीम लीडर एसके चावला, लाईजिंग आफिसर अतुल शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा, एसीएमओ अशोक कुमार आदि मौजूद।
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