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कुंभ मेला भूमि पर अवैध प्लाटिंग, कब्जों का काम थम नहीं रहा
Updated Thu, 17 May 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बैरागी कैंप कनखल क्षेत्र में आरक्षित कुंभ मेला भूमि पर अवैध प्लाटिंग तथा कब्जों का सिलसिला थम नहीं रहा है। राजस्व अभिलेखों में बिना बंदोबस्ती भूमि को गंगा का छोड़ा भाग तथा कुंभ मेला आरक्षित भूमि के नाम से दर्ज है। गंगा नदी 50 मीटर के अंदर ही कुंभ मेला भूमि पर बजरीवाला बस्ती के नाम से कालोनी खड़ी हो चुकी है। इसमें अवैध प्लाटिंग का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है।
मेला भूमि पर अवैध रूप से आबाद कालोनी में वह सब विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनका पॉश कालोनियों तक में अभाव है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर अमल कराने के बजाय हरकी पैड़ी सहित गंगा की अविच्छिन्न धारा में धर्मशालाओं को जमींदोज कर अवैध रूप से खड़े किए गए बहुमंजिले होटलों को संरक्षण देने के लिए सरकार ने गंगा को स्कैप चैनल (नहर) घोषित कर कब्जाधारकों को राहत देने का काम किया था, लेकिन बैरागी कैंप कनखल की कुंभ मेला भूमि तो गंगा नदी का भाग ही है जो कुंभ मेला के लिए आरक्षित है। इसके बावजूद अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं। सिंचाई विभाग के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा का स्पष्ट कहना है कि विभाग की ओर से पीपी एक्ट में 92 बेदखली के वाद सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में दाखिल हैं। उन पर भी अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है और अवैध कब्जे बढ़ते ही जा रहे हैं।
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राजस्व स्टाफ को भेजकर कुंभ मेला भूमि पर कब्जों तथा कराए जा रहे विकास कार्यों की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी के संज्ञान में भी प्रकरण लाया जाएगा।
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सुंदरलाल कुड़ियाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड हरिद्वार