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Haridwar News: सर्वे के एक साल बाद भी नहीं मिले 293 परिवारों को आशियाने
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लालढांग। एक साल पहले आवासहीन जनजाति परिवारों के सर्वे तो कर लिए गए थे, लेकिन उन्हें आशियाने आज तक नहीं दिए गए हैं। इससे जनजाति के परिवार टूटी हुई झोपड़ी और जर्जर भवनों में अपना जीवन गुजार रहे हैं।
रसूलपुर मीठीबेरी ग्राम पंचायत में बोक्सा जनजाति के लोगों की दयनीय स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत के मीठीबेरी, ढंडियानवाला, रसूलपुर, रसूलपुर गोट के बोक्सा जनजाति के क्षतिग्रस्त घर व आवासविहीन लोगों का सर्वे एक वर्ष पूर्व विकास खंड बहादराबाद के अधिकरियों की ओर से किया गया था। जिसमें आवास विहीन लगभग 293 परिवारों का सर्वे के बाद चिन्हित किया गया था। जिनके सर्वे होने पर लोगों को आस जगी थी कि जल्दी ही उनके लिए आवास आ जाएंगे, मगर एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आवास प्रकिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
ढंडियानवाला में कुछ परिवार तो ऐसे रह रहे हैं, जो टूटी हुई झोपड़ी पर पन्नी डाल कर रहते हैं, पर इसके बावजूद भी रसूलपुर मीठीबेरी पंचायत के आवासों के लिए घनराशि की स्वीकृति नहीं हो पा रही है। बरसात और सर्दी, गर्मी में जनजाति परिवारों के लोगों को जीवन यापन करना मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने जल्द आवास योजना का लाभ देने की मांग की है।
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पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत किए गए सर्वे के एक वर्ष बीत जाने के वाद भी गांव के लोगों को अब तक आवास सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। इस संबंध में डीएम और सीएम से मिला जाएगा, ताकि पात्रों काे योजना का लाभ मिल सके।
विजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष, हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति
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भारत सरकार वर्ष 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किए जाने पर विचार कर रही है, लेकिन जनजाति के लिए चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर नहीं उतर रही हैं। जिससे जनजाति परिवारों के लोगों में सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है, इसलिए, आवास योजना का लाभ जल्द दिया जाए।
कमलेश द्विवेदी, ग्राम प्रधान
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रसूलपुर मिठ्ठी बेरी के जन-मन योजना के आवास केंद्र से अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं, जबकि जिले व स्टेट से अनुमोदन हो गया है। आवास के लिए बजट मिलने पर योजना का लाभ पात्रों को दिया जाएगा।
मानस मित्तल, खंड विकास अधिकारी, बहादराबाद
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रसूलपुर मीठीबेरी ग्राम पंचायत में बोक्सा जनजाति के लोगों की दयनीय स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत के मीठीबेरी, ढंडियानवाला, रसूलपुर, रसूलपुर गोट के बोक्सा जनजाति के क्षतिग्रस्त घर व आवासविहीन लोगों का सर्वे एक वर्ष पूर्व विकास खंड बहादराबाद के अधिकरियों की ओर से किया गया था। जिसमें आवास विहीन लगभग 293 परिवारों का सर्वे के बाद चिन्हित किया गया था। जिनके सर्वे होने पर लोगों को आस जगी थी कि जल्दी ही उनके लिए आवास आ जाएंगे, मगर एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आवास प्रकिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
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ढंडियानवाला में कुछ परिवार तो ऐसे रह रहे हैं, जो टूटी हुई झोपड़ी पर पन्नी डाल कर रहते हैं, पर इसके बावजूद भी रसूलपुर मीठीबेरी पंचायत के आवासों के लिए घनराशि की स्वीकृति नहीं हो पा रही है। बरसात और सर्दी, गर्मी में जनजाति परिवारों के लोगों को जीवन यापन करना मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने जल्द आवास योजना का लाभ देने की मांग की है।
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पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत किए गए सर्वे के एक वर्ष बीत जाने के वाद भी गांव के लोगों को अब तक आवास सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। इस संबंध में डीएम और सीएम से मिला जाएगा, ताकि पात्रों काे योजना का लाभ मिल सके।
विजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष, हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति
भारत सरकार वर्ष 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किए जाने पर विचार कर रही है, लेकिन जनजाति के लिए चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर नहीं उतर रही हैं। जिससे जनजाति परिवारों के लोगों में सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है, इसलिए, आवास योजना का लाभ जल्द दिया जाए।
कमलेश द्विवेदी, ग्राम प्रधान
रसूलपुर मिठ्ठी बेरी के जन-मन योजना के आवास केंद्र से अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं, जबकि जिले व स्टेट से अनुमोदन हो गया है। आवास के लिए बजट मिलने पर योजना का लाभ पात्रों को दिया जाएगा।
मानस मित्तल, खंड विकास अधिकारी, बहादराबाद