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राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माता बनेगा गुरुकुल : आर्य
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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कुलाधिपति और जेबीएम समूह के प्रमुख उद्योगपति सुरेंद्र कुमार आर्य का अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। उन्होंने भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में गुरुकुल को नई पहचान दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी को गौरवशाली परंपरा के अनुरूप आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, शोध और तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शोध के समन्वय से विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कुलाधिपति ने गुरुकुल को राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्था बताया। उन्होंने कहा कि इसका गौरवशाली इतिहास और शैक्षिक परंपरा शिक्षा जगत की धरोहर है। नवाचार, शोध और अनुशासन इसकी विशिष्ट पहचान रहे हैं। इस विरासत को संरक्षित रखते हुए विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने एलुमनी नेटवर्क मजबूत करने के लिए पेशेवर परामर्श की निशुल्क सुविधा का आश्वासन दिया। पूर्व छात्रों की विशेषज्ञता और संसाधनों को विश्वविद्यालय के विकास से प्रभावी रूप से जोड़ा जाना चाहिए।
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दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य ने इसे स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष का उल्लेखनीय कार्य बताया। उन्होंने कहा कि तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं की एकजुटता विश्वविद्यालय के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मवीर सिंह ने कुलाधिपति के नेतृत्व में चहुंमुखी विकास की उम्मीद जताई। दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मपाल आर्य ने गुरुकुल की उन्नति में आर्य समाज और स्वामी श्रद्धानंद की आत्मा बताई।
आधुनिक केंद्र बनाने पर जोर
पंजाब आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुदर्शन शर्मा ने गुरुकुल कांगड़ी को वैदिक ज्ञान परंपरा के आधुनिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात कही। विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक प्रो. राजेंद्र विद्यालंकार ने नवाचार, कार्ययोजना और क्रियान्वयन पर मिलकर काम करने पर बल दिया। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने किया।
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सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी को गौरवशाली परंपरा के अनुरूप आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, शोध और तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शोध के समन्वय से विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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कुलाधिपति ने गुरुकुल को राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्था बताया। उन्होंने कहा कि इसका गौरवशाली इतिहास और शैक्षिक परंपरा शिक्षा जगत की धरोहर है। नवाचार, शोध और अनुशासन इसकी विशिष्ट पहचान रहे हैं। इस विरासत को संरक्षित रखते हुए विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने एलुमनी नेटवर्क मजबूत करने के लिए पेशेवर परामर्श की निशुल्क सुविधा का आश्वासन दिया। पूर्व छात्रों की विशेषज्ञता और संसाधनों को विश्वविद्यालय के विकास से प्रभावी रूप से जोड़ा जाना चाहिए।
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दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य ने इसे स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष का उल्लेखनीय कार्य बताया। उन्होंने कहा कि तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं की एकजुटता विश्वविद्यालय के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मवीर सिंह ने कुलाधिपति के नेतृत्व में चहुंमुखी विकास की उम्मीद जताई। दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान धर्मपाल आर्य ने गुरुकुल की उन्नति में आर्य समाज और स्वामी श्रद्धानंद की आत्मा बताई।
आधुनिक केंद्र बनाने पर जोर
पंजाब आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुदर्शन शर्मा ने गुरुकुल कांगड़ी को वैदिक ज्ञान परंपरा के आधुनिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात कही। विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक प्रो. राजेंद्र विद्यालंकार ने नवाचार, कार्ययोजना और क्रियान्वयन पर मिलकर काम करने पर बल दिया। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने किया।