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देसंविवि का 32वां ज्ञान दीक्षा समारोह
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का 32वां ज्ञान दीक्षा समारोह में विवि के समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन, योग व धर्मविज्ञान के नए विद्यार्थियों को आचार्यों की ओर से दी गई शिक्षा को ईमानदारी व कर्तव्य परायणता के साथ निवर्हन करने का संकल्प दिलाते हुए दीक्षा दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा कि मानवीय मूल्यों को स्मरण कराने वाले विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए शिक्षण को ईमानदारी के साथ अपनाएंगे तो तो सफलता अवश्य मिलेगी। विवि के साथ अपने सकारात्मक सपनों को जोड़कर आगे बढ़ेंगे तो समाज को नई दिशा में सार्थक पहल कही जाएगी। उन्होंने कहा कि सच्चाई वह पूंजी है जिससे मनोवांछित क्षेत्र मे आगे बढ़ा जा सकता है। स्वामी विवेकानंद, पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने इसे जीवन में अपनाकर दिखा दिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंसानियत की डिग्री लेना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विवि की ओर से रिसाइक्लिनिंग किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कहा कि हिंदू संस्कृति की पवित्रता को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए जिस तरह पूज्य आचार्य ने कार्य किया है वह अभिनंदनीय है।
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विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने कहा कि आज समाज में प्रगति का आकलन सांसारिक सफलता पर किया जाता है जबकि होना यह चाहिए कि मनुष्य अपने जीवन को सुसंस्कारित करने के साथ भारतीय संस्कृति के विरासत को संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दे। कुलपति शरद पारधी ने कहा कि गुण, कर्म, स्वभाव के साथ उज्ज्वल भविष्य की संरचना की दिशा में आगे बढ़ेंगे तो जीवन में सफलता अवश्य मिलेगी।
इससे पहले समारोह का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन, कुलपति शरद पारधी, प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या, शांतिकुंज व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र एवं कुलसचिव संदीप कुमार ने दीप प्रज्वलन कर किया। विवि के कुलगीत के बाद देसंविवि के कुलपति शरद पारधी ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या उन्हें ज्ञानदीक्षा के संकल्प दिलाया। उदय किशोर मिश्र ने ज्ञानदीक्षा का कर्मकांड कराया। केेंद्रीय मंत्री ने चयनित विद्यार्थियों को विवि के प्रतीक चिह्न व बैज प्रदान किया।
सिद्ध अखंड दीपक का किया दर्शन
मुख्य कार्यक्रम से पहले डा. हर्षवर्धन ने विवि स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव में पूजा अर्चना कर सशक्त राष्ट्र की कामना की। तो वहीं कार्यक्रम के बाद 1926 से प्रज्वलित सिद्ध अखंड दीपक से सबल राष्ट्र की प्रार्थना की।
गायत्री परिवार प्रमुखद्वय से मिले
कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ने अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय शैलदीदी व डा. प्रणव पण्ड्या से मिलकर राष्ट्र के विकास में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा की। इस अवसर पर डा. पंड्या ने केंद्रीय मंत्री का मंगल तिलक, उपवस्त्र व युग साहित्य भेंटकर सम्मानित किया। वहीं केंद्रीय मंत्री ने डा. पंड्या को अपनी पुस्तक भेंट की।