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जिले में 42 हजार हेक्टेयर गेंहू की फसल बर्बादी के कगार पर
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:20 AM IST
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हरिद्वार/धनौरी।
पिछले तीन दिन से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में तैयार गेहूं की फसल लेट गई है। जबकि कई जगह कटी फसल की मंडाई नहीं हो सकी है। इससे गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका है। इसके अलावा जौ, मटर और सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं से आम की बौर को भी नुकसाल पहुंचा है। अगले एक-दो दिन में मौसम साफ नहीं हुआ तो किसानों की मुसीबत बढ़ना तय है।
प्रदेश में सोमवार को मौसम से अचानक करवट बदली दी थी। लगातार तीन दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। हरिद्वार जनपद में करीब 42 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल पक के तैयार थी। कुछ जगह पर तो किसानों ने गेहूं की कटाई भी शुरू कर दी थी। मंगलवार रात को हुई तेज बारिश और हवा से गेहूं की फसल लेट गई। बुधवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इसलिए फसल पूरी तरह से भिग गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं का दाना काला पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान होगा। धनौरी क्षेत्र के किसान मांगेराम और वेदपाल ने बताया क्षेत्र् ामें अधिकतर किसानों की फसल कटाई के बाद खेतों में पड़ी है गेहूं काला पड़ जाएगा और उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक घटने की आशंका है। कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वाईपी सैनी ने बताया कि जनपद में करीब 42 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल खड़ी है। बारिश के कारण फसल के गिरने से उत्पादन में कमी आने की अंदेशा है।
पथरी क्षेत्र के ग्राम कटारपुर, फेरुपुर, पदार्था, बादशाहपुर आदि क्षेत्रों के किसानों की भी चिंता बढ़ गई। क्षेत्र के किसान जनेश्वर, महेंद्र, ब्रजपाल, मामचंद, इरफान और गफ्फार आदि किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में गेहूं, सरसों व मसूर की अधिकांश फसल पक चुकी है। ऐसे में बारिश के कारण भारी नुकसान होना तय है।
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फोटो -
खोदी सड़कें बनी दललल
- बारिश शहर के लोगों की बढ़ी मुसीबत
हरिद्वार।
बारिश से देहात के किसान ही परेशान नहीं हैं। शहर के लोगों की भी मुश्किलें बढ़ गई। हरिद्वार के बाजारों में कीचड़ ही कीचड़ हो गया। ज्वालापुर और कनखल में सीवर लाइन डालने के लिए खोदकर छोड़ी गई सड़कें दलदल में बदल गई। बुधवार को हुई बारिश के कारण ज्वालापुर के कटहरा बाजार, पीठ बाजार, रेलवे रोड़ और हरिद्वार के सब्जी मंडी, बड़ा बाजार, मोती बाजार, विष्णुघाट आदि में कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। ज्वालापुर में आर्यनगर से सिंहद्वार की ओर जाने वाली सड़क पर पूरी तरह कीचड़ फैल जाने के कारण लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हुई। कई दोपहिया वाहन रपट गए। कनखल के संन्यास रोड, मायापुर के नगर निगम रोड और गोविंद पुरी में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकानदार राजीव क़ुमार, आरएन यादव, मोहम्मद आलम आदि का कहना था कि कई विभागीय अधिकारियों से सड़कों की मरम्मत की मांग की गई थी। अधिकारियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ी।
पिछले तीन दिन से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में तैयार गेहूं की फसल लेट गई है। जबकि कई जगह कटी फसल की मंडाई नहीं हो सकी है। इससे गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका है। इसके अलावा जौ, मटर और सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं से आम की बौर को भी नुकसाल पहुंचा है। अगले एक-दो दिन में मौसम साफ नहीं हुआ तो किसानों की मुसीबत बढ़ना तय है।
प्रदेश में सोमवार को मौसम से अचानक करवट बदली दी थी। लगातार तीन दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। हरिद्वार जनपद में करीब 42 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल पक के तैयार थी। कुछ जगह पर तो किसानों ने गेहूं की कटाई भी शुरू कर दी थी। मंगलवार रात को हुई तेज बारिश और हवा से गेहूं की फसल लेट गई। बुधवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इसलिए फसल पूरी तरह से भिग गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं का दाना काला पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान होगा। धनौरी क्षेत्र के किसान मांगेराम और वेदपाल ने बताया क्षेत्र् ामें अधिकतर किसानों की फसल कटाई के बाद खेतों में पड़ी है गेहूं काला पड़ जाएगा और उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक घटने की आशंका है। कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वाईपी सैनी ने बताया कि जनपद में करीब 42 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल खड़ी है। बारिश के कारण फसल के गिरने से उत्पादन में कमी आने की अंदेशा है।
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पथरी क्षेत्र के ग्राम कटारपुर, फेरुपुर, पदार्था, बादशाहपुर आदि क्षेत्रों के किसानों की भी चिंता बढ़ गई। क्षेत्र के किसान जनेश्वर, महेंद्र, ब्रजपाल, मामचंद, इरफान और गफ्फार आदि किसानों का कहना है कि इन दिनों खेतों में गेहूं, सरसों व मसूर की अधिकांश फसल पक चुकी है। ऐसे में बारिश के कारण भारी नुकसान होना तय है।
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खोदी सड़कें बनी दललल
- बारिश शहर के लोगों की बढ़ी मुसीबत
हरिद्वार।
बारिश से देहात के किसान ही परेशान नहीं हैं। शहर के लोगों की भी मुश्किलें बढ़ गई। हरिद्वार के बाजारों में कीचड़ ही कीचड़ हो गया। ज्वालापुर और कनखल में सीवर लाइन डालने के लिए खोदकर छोड़ी गई सड़कें दलदल में बदल गई। बुधवार को हुई बारिश के कारण ज्वालापुर के कटहरा बाजार, पीठ बाजार, रेलवे रोड़ और हरिद्वार के सब्जी मंडी, बड़ा बाजार, मोती बाजार, विष्णुघाट आदि में कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। ज्वालापुर में आर्यनगर से सिंहद्वार की ओर जाने वाली सड़क पर पूरी तरह कीचड़ फैल जाने के कारण लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हुई। कई दोपहिया वाहन रपट गए। कनखल के संन्यास रोड, मायापुर के नगर निगम रोड और गोविंद पुरी में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकानदार राजीव क़ुमार, आरएन यादव, मोहम्मद आलम आदि का कहना था कि कई विभागीय अधिकारियों से सड़कों की मरम्मत की मांग की गई थी। अधिकारियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ी।