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खराब मोबाइल नहीं बदलने पर लगाया जुर्माना
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जिला उपभोक्ता फोरम ने खराब मोबाइल बदलकर नहीं देने पर उसकी कीमत 21 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता अनुराग अरोड़ा पुत्र नरेश कुमार निवासी वाल्मीकि आश्रम मिशन रोड कनखल ने 20 नवंबर 2015 को सोनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मथुरा-नई दिल्ली रोड, मथुरा के प्रबंधक तिरुपति इंटरप्राइजेज, अधिकृत सर्विस सेंटर विवेक विहार रानीपुर मोड़ ज्वालापुर और डीलर एस मोबाइल सेंटर जिला अयोध्या (यूपी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उसने जुलाई 2015 में सोनी मोबाइल कंपनी का एक सेट 21 हजार रुपये में डीलर से खरीदा था। महीनेभर में मोबाइल फोन में दिक्कत आने लगी थी। शिकायतकर्ता खराब मोबाइल को ठीक कराने के लिए सर्विस सेंटर ले गया था। संचालक ने उसे कुछ दिन में ठीक करके दिया लेकिन मोबाइल दुरुस्त नहीं हुआ। फिर परेशानी होने पर मोबाइल ठीक कराने गया लेकिन सर्विस सेंटर संचालक ने मोबाइल सेट सही नहीं किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उनसे खराब मोबाइल को बदलकर नया देने का आग्रह किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नया मोबाइल दिया गया और न ही उसे ठीक किया गया। जबकि खराब मोबाइल अब भी सर्विस सेंटर में जमा है। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर भी कंपनी, स्थानीय डीलर और सर्विस सेंटर ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर उसने फोरम की शरण ली। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता परमेश्वर राठौर ने बताया कि फोरम के अध्यक्ष कंवर सेन और सदस्य अंजना चड्ढ़ा और विपिन कुमार ने मोबाइल कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि, स्थानीय डीलर और सर्विस सेंटर को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया और मोबाइल की कीमत 21 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया।
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जिला उपभोक्ता फोरम ने खराब मोबाइल बदलकर नहीं देने पर उसकी कीमत 21 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता अनुराग अरोड़ा पुत्र नरेश कुमार निवासी वाल्मीकि आश्रम मिशन रोड कनखल ने 20 नवंबर 2015 को सोनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मथुरा-नई दिल्ली रोड, मथुरा के प्रबंधक तिरुपति इंटरप्राइजेज, अधिकृत सर्विस सेंटर विवेक विहार रानीपुर मोड़ ज्वालापुर और डीलर एस मोबाइल सेंटर जिला अयोध्या (यूपी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उसने जुलाई 2015 में सोनी मोबाइल कंपनी का एक सेट 21 हजार रुपये में डीलर से खरीदा था। महीनेभर में मोबाइल फोन में दिक्कत आने लगी थी। शिकायतकर्ता खराब मोबाइल को ठीक कराने के लिए सर्विस सेंटर ले गया था। संचालक ने उसे कुछ दिन में ठीक करके दिया लेकिन मोबाइल दुरुस्त नहीं हुआ। फिर परेशानी होने पर मोबाइल ठीक कराने गया लेकिन सर्विस सेंटर संचालक ने मोबाइल सेट सही नहीं किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उनसे खराब मोबाइल को बदलकर नया देने का आग्रह किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नया मोबाइल दिया गया और न ही उसे ठीक किया गया। जबकि खराब मोबाइल अब भी सर्विस सेंटर में जमा है। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर भी कंपनी, स्थानीय डीलर और सर्विस सेंटर ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर उसने फोरम की शरण ली। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता परमेश्वर राठौर ने बताया कि फोरम के अध्यक्ष कंवर सेन और सदस्य अंजना चड्ढ़ा और विपिन कुमार ने मोबाइल कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि, स्थानीय डीलर और सर्विस सेंटर को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया और मोबाइल की कीमत 21 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया।
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