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देश में चमकी हरिद्वार की मंडी
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
डिजिटलाइजेशन को अपनाकर तेजी से अपनी कार्यप्रणाली को गति देने वाली मंडी परिषद हरिद्वार का ई-नाम मॉडल देशभर में छा गया है। इस आधार पर हरिद्वार की मंडी परिषद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरस्कार पाने का मौका मिला है। फिलहाल देश की करीब 20 शीर्षस्थ मंडियों में हरिद्वार मंडी चुनी गई है। इस चरण में भी अगर रैंकिंग सही पाई गई तो हरिद्वार के जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सम्मानित करेंगे।
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए चलाई गई कई योजनाओं में ई-नाम भी लागू की गई है। इसके तहत मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों को नए ऑनलाइन सिस्टम ई-नाम से जोड़ा जाता है। जब वह अपनी फसल बेचने के लिए लाता है तो उसकी फसल की ए, बी और सी श्रेणियों में ग्रेडिंग की जाती है। उसी आधार पर फसल को बेचने के लिए रखा जाता है। इसके बाद फसल स्थानीय स्तर से लेकर एप से जुड़ी सभी मंडियों में चली जाती है और उससे जुड़े सभी आढ़ती फसल की ऑनलाइन बोली लगाते हैं। हरिद्वार में तत्कालीन अध्यक्ष संजय चोपड़ा के समय में हरिद्वार में यह सिस्टम लागू किया गया था। अब तक इससे 1115 किसान जुड़ चुके हैं। मंडी समिति प्रशासन के अनुसार हरिद्वार में यह प्रणाली पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।
इस आधार पर हरिद्वार की मंडी को देश की 20 ऐसी मंडियों में चुना गया है जहां यह सिस्टम विधिवत संचालित हो रहा है। अब इस बारे में आगामी 18 फरवरी को जिलाधिकारी दीपक रावत को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पूरे सिस्टम के बारे में अपना प्रस्तुतीकरण देने के लिए आमंत्रित किया गया है। यहां अगर प्रस्तुतीकरण में चयन किया जाता है तो हरिद्वार मंडी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जिलाधिकारी दीपक रावत प्राप्त करेंगे।
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डिजिटलाइजेशन को अपनाकर तेजी से अपनी कार्यप्रणाली को गति देने वाली मंडी परिषद हरिद्वार का ई-नाम मॉडल देशभर में छा गया है। इस आधार पर हरिद्वार की मंडी परिषद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरस्कार पाने का मौका मिला है। फिलहाल देश की करीब 20 शीर्षस्थ मंडियों में हरिद्वार मंडी चुनी गई है। इस चरण में भी अगर रैंकिंग सही पाई गई तो हरिद्वार के जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सम्मानित करेंगे।
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए चलाई गई कई योजनाओं में ई-नाम भी लागू की गई है। इसके तहत मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों को नए ऑनलाइन सिस्टम ई-नाम से जोड़ा जाता है। जब वह अपनी फसल बेचने के लिए लाता है तो उसकी फसल की ए, बी और सी श्रेणियों में ग्रेडिंग की जाती है। उसी आधार पर फसल को बेचने के लिए रखा जाता है। इसके बाद फसल स्थानीय स्तर से लेकर एप से जुड़ी सभी मंडियों में चली जाती है और उससे जुड़े सभी आढ़ती फसल की ऑनलाइन बोली लगाते हैं। हरिद्वार में तत्कालीन अध्यक्ष संजय चोपड़ा के समय में हरिद्वार में यह सिस्टम लागू किया गया था। अब तक इससे 1115 किसान जुड़ चुके हैं। मंडी समिति प्रशासन के अनुसार हरिद्वार में यह प्रणाली पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।
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इस आधार पर हरिद्वार की मंडी को देश की 20 ऐसी मंडियों में चुना गया है जहां यह सिस्टम विधिवत संचालित हो रहा है। अब इस बारे में आगामी 18 फरवरी को जिलाधिकारी दीपक रावत को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पूरे सिस्टम के बारे में अपना प्रस्तुतीकरण देने के लिए आमंत्रित किया गया है। यहां अगर प्रस्तुतीकरण में चयन किया जाता है तो हरिद्वार मंडी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जिलाधिकारी दीपक रावत प्राप्त करेंगे।
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