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Haridwar News: जलभराव से सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं, किसानों ने मांगा मुआवजा
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पथरी क्षेत्र में बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, रोजी-रोटी का संकट गहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे खराब हालात हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र की है, जहां पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों बीघा खेत पानी में डूब गए हैं। खड़ी फसलें डूबने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मोहम्मद सलीम, शकील अहमद, रामपाल सिंह, पंकज सैनी, अनिल कुमार आदि ने किसानों की इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि खेतों में पानी भर जाने से गन्ने और धान की फसलें खराब होने की कगार पर हैं। पहले से ही खाद बीज और डीजल की महंगाई झेल रहे किसानों की महीनों की मेहनत और पैसा अब पानी में डूबता नजर आ रहा है।
बिशनपुर, पुरानी कुंडी, कटारपुर, फेरूपुर, चांदपुर, रानीमाजरा, धनपुरा, घिस्सुपुरा, पदार्था, बहादुरपुर जट, एकड़ कलां, एकड़ खुर्द आदि में किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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किसानों का कहना है कि प्रशासन की टीमें प्रभावित हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में जाकर तुरंत किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे करें। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को बिना देरी के राहत राशि और उचित मुआवजा दिया जाए। क्षेत्र के विधायक और सांसद इस मुद्दे को केवल बयानों तक सीमित न रखें, बल्कि सरकार के सामने किसानों की समस्या को मजबूती से उठाएं।
हर साल होने वाले जलभराव से किसानों को निजात दिलाने के लिए नालों की सफाई कराई जाए और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। किसानों का कहना है कि किसान केवल खेत में नहीं जूझ रहा है, बल्कि उसकी बर्बादी का सीधा असर पूरे परिवार के चूल्हे पर पड़ता है। किसान देश की रीढ़ है, इसलिए संकट के इस समय में सरकार और प्रशासन को कागजी खानापूर्ति छोड़कर तुरंत जमीन पर उतरना होगा और प्रभावित किसानों की मदद करनी होगी।
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अभी तक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खेतों में जलभराव से गन्ने की फसल का नुकसान होने की जानकारी मिली है। फिलहाल धान की फसल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। फसल के नुकसान का आकलन कर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- जय सिंह, एडीओ, कृषि विभाग, ब्लॉक बहादराबाद
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पथरी क्षेत्र में बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, रोजी-रोटी का संकट गहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरी। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे खराब हालात हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र की है, जहां पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों बीघा खेत पानी में डूब गए हैं। खड़ी फसलें डूबने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मोहम्मद सलीम, शकील अहमद, रामपाल सिंह, पंकज सैनी, अनिल कुमार आदि ने किसानों की इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि खेतों में पानी भर जाने से गन्ने और धान की फसलें खराब होने की कगार पर हैं। पहले से ही खाद बीज और डीजल की महंगाई झेल रहे किसानों की महीनों की मेहनत और पैसा अब पानी में डूबता नजर आ रहा है।
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बिशनपुर, पुरानी कुंडी, कटारपुर, फेरूपुर, चांदपुर, रानीमाजरा, धनपुरा, घिस्सुपुरा, पदार्था, बहादुरपुर जट, एकड़ कलां, एकड़ खुर्द आदि में किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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किसानों का कहना है कि प्रशासन की टीमें प्रभावित हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में जाकर तुरंत किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे करें। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को बिना देरी के राहत राशि और उचित मुआवजा दिया जाए। क्षेत्र के विधायक और सांसद इस मुद्दे को केवल बयानों तक सीमित न रखें, बल्कि सरकार के सामने किसानों की समस्या को मजबूती से उठाएं।
हर साल होने वाले जलभराव से किसानों को निजात दिलाने के लिए नालों की सफाई कराई जाए और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। किसानों का कहना है कि किसान केवल खेत में नहीं जूझ रहा है, बल्कि उसकी बर्बादी का सीधा असर पूरे परिवार के चूल्हे पर पड़ता है। किसान देश की रीढ़ है, इसलिए संकट के इस समय में सरकार और प्रशासन को कागजी खानापूर्ति छोड़कर तुरंत जमीन पर उतरना होगा और प्रभावित किसानों की मदद करनी होगी।
अभी तक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर खेतों में जलभराव से गन्ने की फसल का नुकसान होने की जानकारी मिली है। फिलहाल धान की फसल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। फसल के नुकसान का आकलन कर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- जय सिंह, एडीओ, कृषि विभाग, ब्लॉक बहादराबाद