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श्रद्धालुओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, बड़ा हादसा टला
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:07 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर हरकी पैड़ी पर उस वक्त बड़ा हादसा बच गया, जब ब्रह्मकुंड की तरफ श्रद्धालुओं की नो एंट्री कर दी गई। इसके बाद हरकी पैड़ी के मुख्यद्वार पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भारी भीड़ में कई श्रद्धालु नीचे गिर पड़े। गनीमत रही कि गिरने वाले श्रद्धालु भीड़ के पैरों तले कुचले जाने से बच गए। इसके बाद गुस्साए श्रद्धालुओं की पुलिस से धक्कामुक्की शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख एसपी सिटी ममता वोहरा ने मोर्चा संभालते हुए बैरिकेड हटवाकर ब्रह्मकुंड का रास्ता साफ किया। इसके बाद स्थिति संभल पाई।
हरिद्वार पुलिस को कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं के भारी तादाद में पहुंचने की उम्मीद संभवत: कम थी। इसलिए पुलिस ने व्यवस्था बनाने में ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई। शुक्रवार को दिन चढ़ने के साथ ही हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ रहा था। तभी पुलिस ने हरकी पैड़ी गंगा घाट को खाली कराने के बजाय ब्रह्मकुंड की तरफ एंट्री बंद कर दी। उसका नतीजा ये रहा कि श्रद्धालु मुख्य गेट पर उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं के हुजूम के आगे सभी व्यवस्थाएं फेल हो गईं और भगदड़ की स्थिति बन गई। दबाव अधिक होने पर श्रद्धालुओं की पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। श्रद्धालु ब्रह्मकुंड की तरफ जाने की जिद करने लगे। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बैरिकेड तोड़ने का भी प्रयास किया। भीड़ का दबाव अधिक होने पर एसपी सिटी ममता वोहरा तुरंत मौके पर पहुंचीं और बैरिकेड को खुलवाया। तब जाकर स्थिति थोड़ी ठीक हो सकी। पूरे मामले में पुलिस की बदइंतजामी साफ दिखाई दी।
पुलिस की लापरवाही
श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने के बावजूद पुलिस का गैर जिम्मेदाराना रवैया ये था कि एक पुलिस अधिकारी की कार को अपर रोड पर ही एंट्री दे दी गई। ऐसे में अपर रोड पर स्थिति बनती-बिगड़ती रही। हालांकि, गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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ज्यादा भीड़ आ जाने के कारण हरकी पैड़ी क्षेत्र में दबाव बढ़ गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने समय पर स्थिति को संभाला। स्नान पर्व सकुशल संपन्न हुआ है।
-ममता वोहरा, मेला प्रभारी एवं एसपी सिटी
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर हरकी पैड़ी पर उस वक्त बड़ा हादसा बच गया, जब ब्रह्मकुंड की तरफ श्रद्धालुओं की नो एंट्री कर दी गई। इसके बाद हरकी पैड़ी के मुख्यद्वार पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भारी भीड़ में कई श्रद्धालु नीचे गिर पड़े। गनीमत रही कि गिरने वाले श्रद्धालु भीड़ के पैरों तले कुचले जाने से बच गए। इसके बाद गुस्साए श्रद्धालुओं की पुलिस से धक्कामुक्की शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख एसपी सिटी ममता वोहरा ने मोर्चा संभालते हुए बैरिकेड हटवाकर ब्रह्मकुंड का रास्ता साफ किया। इसके बाद स्थिति संभल पाई।
हरिद्वार पुलिस को कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं के भारी तादाद में पहुंचने की उम्मीद संभवत: कम थी। इसलिए पुलिस ने व्यवस्था बनाने में ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई। शुक्रवार को दिन चढ़ने के साथ ही हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ रहा था। तभी पुलिस ने हरकी पैड़ी गंगा घाट को खाली कराने के बजाय ब्रह्मकुंड की तरफ एंट्री बंद कर दी। उसका नतीजा ये रहा कि श्रद्धालु मुख्य गेट पर उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं के हुजूम के आगे सभी व्यवस्थाएं फेल हो गईं और भगदड़ की स्थिति बन गई। दबाव अधिक होने पर श्रद्धालुओं की पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। श्रद्धालु ब्रह्मकुंड की तरफ जाने की जिद करने लगे। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बैरिकेड तोड़ने का भी प्रयास किया। भीड़ का दबाव अधिक होने पर एसपी सिटी ममता वोहरा तुरंत मौके पर पहुंचीं और बैरिकेड को खुलवाया। तब जाकर स्थिति थोड़ी ठीक हो सकी। पूरे मामले में पुलिस की बदइंतजामी साफ दिखाई दी।
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पुलिस की लापरवाही
श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने के बावजूद पुलिस का गैर जिम्मेदाराना रवैया ये था कि एक पुलिस अधिकारी की कार को अपर रोड पर ही एंट्री दे दी गई। ऐसे में अपर रोड पर स्थिति बनती-बिगड़ती रही। हालांकि, गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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ज्यादा भीड़ आ जाने के कारण हरकी पैड़ी क्षेत्र में दबाव बढ़ गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने समय पर स्थिति को संभाला। स्नान पर्व सकुशल संपन्न हुआ है।
-ममता वोहरा, मेला प्रभारी एवं एसपी सिटी