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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद
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ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
किशोरी को बहलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता ने दो जनवरी 2017 को रानीपुर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित के पिता ने बताया था कि दो जनवारी को उसकी 16 वर्षीय पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। जब वह घर नहीं लौटी तो उन्होंने स्कूल जाकर बेटी के बारे में जानकारी ली। तब तक स्कूल बंद हो चुका था। उन्होंने बेटी को काफी तलाशने की कोशिश की, पर उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। सात जनवरी 2017 को उसकी बेटी आरोपी विक्रम के कब्जे में मिली। पीड़ित किशोरी ने पुलिस को दिए बयानों में आरोपी विक्रम पर बहला फुसलाकर ले जाने व कई बार दुराचार करने का आरोप लगाया था। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुराचार करने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने विक्रम उर्फ बाबू पुत्र जागेश्वर निवासी नोसरिया नौगछिया भागलपुर, बिहार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पोक्सो आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कठोर कारावास तथा पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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किशोरी को बहलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता ने दो जनवरी 2017 को रानीपुर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित के पिता ने बताया था कि दो जनवारी को उसकी 16 वर्षीय पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। जब वह घर नहीं लौटी तो उन्होंने स्कूल जाकर बेटी के बारे में जानकारी ली। तब तक स्कूल बंद हो चुका था। उन्होंने बेटी को काफी तलाशने की कोशिश की, पर उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। सात जनवरी 2017 को उसकी बेटी आरोपी विक्रम के कब्जे में मिली। पीड़ित किशोरी ने पुलिस को दिए बयानों में आरोपी विक्रम पर बहला फुसलाकर ले जाने व कई बार दुराचार करने का आरोप लगाया था। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुराचार करने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने विक्रम उर्फ बाबू पुत्र जागेश्वर निवासी नोसरिया नौगछिया भागलपुर, बिहार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पोक्सो आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कठोर कारावास तथा पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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