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प्रत्येक जेई को महीने में 45 अवैध निर्माण कंपाउंड कराने होंगे
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माणों तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माणों के लंबित प्रकरणों का ढेर लगा हुआ है। एक हजार से अधिक प्रकरणों में लोगों ने अवैध निर्माण को बायलॉज के मुताबिक कंपाउंड करने के लिए आवेदन कर रखा है। अवर अभियंता स्तर से इनमें रिपोर्ट नहीं लगने से उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन सिंह भदौरिया ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रत्येक अवर अभियंता (जेई) को हर महीने 45 अवैध निर्माणों को कंपाउंड कराने का लक्ष्य दिया है। अवैध निर्माणों के प्रकरण लंबित होने से प्राधिकरण को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उपाध्यक्ष का मानना है कि जिन लोगों ने कंपाउंड कराने का आवेदन दिया हैैं उनका निस्तारण समय पर करने से करोड़ों रुपये का शुल्क प्राधिकरण का प्राप्त होगा। उन्होंने अवैध निर्माणों की बढ़ती प्रवृति को गंभीरता से लिया है। इसको रोकने के लिए अवर अभियंता व सहायक अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक में कुछ अवर अभियंताओं ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई न हो पाने के पीछे बढ़ती राजनीतिक दखलंदाजी से उपाध्यक्ष को अवगत कराया है। जिस पर उन्होंने अपना काम बिना किसी दबाव के बायलॉज के अनुसार अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
हरिद्वार।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माणों तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माणों के लंबित प्रकरणों का ढेर लगा हुआ है। एक हजार से अधिक प्रकरणों में लोगों ने अवैध निर्माण को बायलॉज के मुताबिक कंपाउंड करने के लिए आवेदन कर रखा है। अवर अभियंता स्तर से इनमें रिपोर्ट नहीं लगने से उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन सिंह भदौरिया ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रत्येक अवर अभियंता (जेई) को हर महीने 45 अवैध निर्माणों को कंपाउंड कराने का लक्ष्य दिया है। अवैध निर्माणों के प्रकरण लंबित होने से प्राधिकरण को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उपाध्यक्ष का मानना है कि जिन लोगों ने कंपाउंड कराने का आवेदन दिया हैैं उनका निस्तारण समय पर करने से करोड़ों रुपये का शुल्क प्राधिकरण का प्राप्त होगा। उन्होंने अवैध निर्माणों की बढ़ती प्रवृति को गंभीरता से लिया है। इसको रोकने के लिए अवर अभियंता व सहायक अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक में कुछ अवर अभियंताओं ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई न हो पाने के पीछे बढ़ती राजनीतिक दखलंदाजी से उपाध्यक्ष को अवगत कराया है। जिस पर उन्होंने अपना काम बिना किसी दबाव के बायलॉज के अनुसार अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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